भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब सरकार ने इस बार धान की खरीद से पहले किसानों की फेस ई-केवाईसी करना जरूरी किया है। इसके बिना खरीद नहीं हो सकती। इसके साथ जिले की मंडियों में धान की आमद तेज हो गई है। नई दाना मंडी में भी फसल पहुंच रहीं है, लेकिन आढ़तियों को सबसे ज्यादा परेशान इस समय किसानों की फेस ई-केवाईसी की है। इस कारण डाटा अपलोड नहीं हो पा रहा है। इस नई समस्या को लेकर किसान भी परेशान हैं और मांग कर रहे हैं कि इसका हल निकालना जरूरी है। नई दाना मंडी में फसल लेकर आए किसान जगरूप सिंह ने कहा कि उनकी फसल में नमी ज्यादा है, इसलिए खरीद रोक दी गई है। प्रशासन फसल को सुखाकर लाने की अपील कर रहा है। लेकिन कोई साधन नहीं है। इसलिए मंडियों में फसल को लेकर आना पड़ा। वहीं पंजाब सरकार की फेस ई-केवाईसी सही काम नहीं कर पा रही है। उनका डेटा पहले ही ऑनलाइन चढ़ा हुआ है। कोई भी ऐसा किसान नहीं है, जो दूसरों की फसल लेकर मंडी में पहुंचेगा। आढ़तियों ने कहा कि जब तक फसल में नमी कम नहीं हो जाती, तब तक खरीद शुरू नहीं करवाई जा सकती। फसल को संभालने की जिम्मेदारी तो उनकी है, लेकिन उसको देख खुद जमींदार रहा है, क्योंकि जमींदार चाहता है कि उसकी फसल का मॉस्चराइजर जल्द कम हो और खरीद हो सके। इसके साथ अगर नमी कम होती है तो फेस ई-केवाईसी अड़चन डाल रही है। पंजाब सरकार से अपील की जा रही है कि इसको रद्द किया जाए। वहीं इस समस्या को लेकर किसान जत्थेबंदियों ने मीटिंग की है और जल्द ही फूड सप्लाई विभाग और मंडी बोर्ड के अधिकारियों के साथ मीटिंग करने जा रहे हैं। किसानों ने कहा कि समस्या काफी बड़ी है। वे अपनी धान को बेच नहीं पा रहे। उन्होंने इस संबंध में सरकार से जल्द से जल्द हस्तक्षेप करते हुए किसानों की इस समस्या का समाधान करने की मांग की है।
फेस ई-केवाईसी और नमी के कारण आढ़ती नहीं करवा पा रहे धान की खरीद
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