हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल विज एक ऑडियो रिकार्डिंग मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि ऑडियो रिकॉर्डिंग से पता चलता है कि हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने एसपी और एसएचओ पर जांच रिपोर्ट बदलकर ससुराल वालों को झूठे वैवाहिक मामले में फंसाने का दबाव डाला। इसपर कैबिनेट मंत्री अनिल विज का कहना है कि मामला कोर्ट में है और कोर्ट में गए मामले में कोई भी पक्ष नहीं दिया जा सकता है। मैं हमेशा ही जनता की समस्या सुनता हूं। समस्या के आधार पर संबंधित अधिकारी को जांच के लिए कहता हूं। अब ये कौनसा मामला है इसकी जानकारी नहीं है। यह है मामला महिला थाने की एसएचओ का ऑडियो ट्रांसक्रिप्ट, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके पास अनिल विज द्वारा उन्हें फ़ोन करके जांच रिपोर्ट बदलने और ससुराल वालों को झूठे मामले में फंसाने का दबाव डालने का ऑडियो है। 29 अगस्त को दायर हुई याचिका हरियाणा के मंत्री अनिल विज से जुड़े इस मामले में पंजाब के मानसा के रहने वाले व्यक्ति ने पिटीशन दाखिल की थी। उस दौरान पिटीशन में कुद दिक्कत होने के कारण वापस ले ली गई थी, लेकिन गत सोमवार को फिर से हाईकोर्ट में पिटीशन डाली गई, इस पर आज कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की ओर से सरकार को नोटिस जारी कर मामले में जवाब मांगा गया है। अब इस मामले में 13 अक्टूबर को सुनवाई होगी। याचिका में केस ट्रांसफर करने की मांग याचिकाकर्ता ने याचिका में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से इस केस को दूसरे राज्य की पुलिस में ट्रांसफर करने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि चूंकि इस मामले में हरियाणा सरकार के मंत्री का हस्तक्षेप है, इस कारण से पुलिस जांच को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में हाईकोर्ट इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए दूसरे राज्य की पुलिस को केस ट्रांसफर करने के आदेश पारित करे।
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री की कॉल रिकॉर्डिंग का मामला:विज बोले- मामला कोर्ट में है, मैं तो समस्या के आधार पर कार्रवाई के निर्देश देता हूं
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