हरियाणा के शूटर का सोनीपत में हुआ दाह संस्कार:भाई बोला-कोई कोर्ट केस नहीं करना चाहते; बॉलीवुड एक्ट्रेस के घर फायरिंग केस में UP में मारा गया

by Carbonmedia
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गाजियाबाद में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए अरुण का शव देर रात सोनीपत पहुंचा। जहां सोनीपत में सुबह उनका दाह संस्कार किया गया है। श्मशान घाट में उसके बडे भाई अंकुर ने मुखाग्नि दी है। भाई अरूण के दाह संस्कार के बाद पिता और भाई रोते हुए नजर आए। बुधवार को पुलिस की कार्रवाई पर अरूण के परिवार वालों ने सवाल उठाए थे। दाह संस्कार के उपरांत भाई अंकुर ने कहा कि हम कोई कोर्ट केस नहीं करना चाहते और हमारा बेहद गरीब परिवार है और हम कोई अब कार्रवाई नहीं चाहते हैं। हमारे में इतनी ताकत नहीं है कि हम प्रशासन से लड़ सके।
वहीं दाह संस्कार में शामिल लोगों ने कहा है कि अरुण बेहद शरीफ था और अचानक उसका एनकाउंटर किया गया है और कोई भी विश्वास करने के लिए तैयार नहीं है कि अरुण किसी अपराधी गतिविधि में शामिल था। वहीं उन्होंने कार्रवाई को फेक बताते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की । सोनीपत में परिवार का कहना है कि उनका बेटा अरुण ऐसा नहीं था। उसे घर से उसका दोस्त बुलाकर ले गया था। वह हरिद्वार जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन पुलिस ने उसे मार डाला। बता दें कि हरियाणा STF, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और UP की STF ने गाजियाबाद में बुधवार शाम को दोनों शूटरों का एनकाउंटर किया। बदमाशों की पहचान गांव काहनी (रोहतक) के निवासी रविंद्र और मयूर विहार (सोनीपत) के रहने वाले अरुण के रूप में हुई। पुलिस ने अनुसार, ये रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ के गैंग के थे। दोनों पर एक-एक लाख रुपए का इनाम था। रोहित गोदारा के नाम से एक पोस्ट वायरल कर बदला लेने की धमकी दी गई है। हालांकि, भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता। अरूण के भाई के पुलिस कार्रवाई पर 2 सवाल… अब पढ़िए, अरुण की मां ने क्या-क्या कहा… कर्ज लेकर मकान बनाया मां सविता ने बताया कि छह महीने पहले ही उन्होंने 10-12 लाख रुपए का कर्ज लेकर नया मकान बनाया है, लेकिन उसमें अभी तक दरवाजे-खिड़की भी नहीं लग पाए। घर में बिजली का कनेक्शन और फिटिंग तक अधूरी है। अरुण अपनी मां से कहा करता था कि मेहनत करके कर्ज उतार देंगे। गांव का मकान बेचकर शहर में प्लॉट खरीदा था और कुछ भैंसें भी बेचनी पड़ीं। बेटियों के गहने गिरवी रखे गए। बड़ा बेटा अंकुर अमेजन में नौकरी करता है और शादीशुदा है। पिता राजेंद्र सिंह फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड हैं, जबकि मां सविता पहले लोगों के घरों में बर्तन साफ करती थी और अब फैक्ट्री में काम करती हैं।

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