कपास पर आयात शुल्क खत्म करने के बाद किसान यूनियनों ने आंदोलन की तैयारी कर लगी है। भिवानी में आयोजित भाकियू की प्रदेश स्तरीय बैठक में भारतीय किसान यूनियन चढूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम चढूनी ने इसका एलान किया है। चढूनी ने कहा कि हर फसल पर आयात शुल्क हो और वो इतना हो कि हमारी फसलों की MSP से उसके भाव ज्यादा रहें। अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए जा रहे अनाप शनाप टैरिफ के बाद भारत में भी आयात व निर्माण टैक्स गड़बड़ा गया है। जिसके चलते कपास पर आयात शुल्क खत्म किया गया। पर अब कपास पर आयात शुल्क खत्म होने से कपास के भाव गिरने लगे हैं। वहीं अब कपास की नई फसल आएगी तो उसके भाव भी डेढ़ हजार रुपए प्रति क्विंटल कम होने की आशंका जताई जा रही है। जिसको लेकर भारतीय किसान यूनियन ने झंडा बुलंद कर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। आयात शुल्क खत्म करते ही कपास का भाव 1200 रुपए घटा
भिवानी की जाट धर्मशाला में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक के बाद मीडिया से रूबरू हुए भारतीय किसान यूनियन चढूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि 19 अगस्त को कपास से आयात शुल्क खत्म होते ही हमारी कपास का भाव 1200 रुपए प्रति क्विंटल कम हो गया। जो नई फसल आने तक 1500 रुपए कम हो सकता है। उन्होंने कहा कि कपास के किसान पहले ही घाटे में हैं और सबसे ज्यादा सुसाइड करता हैं। साथ ही कहा कि सरसों का आयात शुल्क खत्म करने का नतीजा था कि आज देश को एक लाख करोड़ रुपए का खाद्य तेल आयात करना पड़ रहा है। आयात होने वाली फसल पर आयात शुल्क ज्यादा से ज्यादा लगाया जाए
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि आयात होने वाली हर फसल पर आयात शुल्क ज्यादा से ज्यादा लगाया जाए, ताकि उस फसल का भाव हमारे देश में फसलों पर मिलने वाली एमएसपी से उसका भाव ज्यादा रहे। चढूनी ने कहा कि कई मांगों को लेकर हम सीएम नायब सैनी से मिलेंगे और मांग पूरी नहीं हुई तो फिर बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। वहीं अमेरिका के टैरिफ वार के बाद पीएम मोदी को स्वदेश वाले नारे को चढूनी ने किसानों की आंखों में धूल झोंक वाला बताया। वहीं पीएम मोदी द्वारा डेयरी प्रोडक्ट आयात ना करने के फैसले पर कहा कि हमने इसका स्वागत किया था। जिसके बाद हम पर सवाल भी खड़े किए गए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी किसान हित में कोई भी फैसले लेंगे तो वो उनकी स्वागत करेंगे और साथ खड़े होंगे तथा किसान विरोधी फैसला लेंगे तो विरोध करेंगे। इस दौरान गुरनाम चढूनी ने मनीषा मामले में दर्ज केस वापस लेने की भी मांग की। वहीं कपास पर आयात शुल्क खत्म करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है
कपास पर आयात शुल्क को लेकर प्रदेश स्तरीय बैठक:भिवानी में गुरनाम चढूनी बोले- पहले ज्ञापन फिर आंदोलन की रूपरेखा होगी तैयार
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