कुरुक्षेत्र के झांसा में रविवार को मारकंडा के पानी को लेकर किसान और प्रशासन आमने-सामने आ गए। उफनते मारकंडा काे देखकर कई गांव के किसान सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर में पानी छोड़ने पर अड़ गए। प्रशासन के इनकार करने पर किसानों ने जाम लगाने की चेतावनी दी। सुबह ही किसान एसवाईएल के गेट खोलने के लिए झांसा हेड के पास इकट्ठा हुए थे। करीब 5 घंटे की रस्साकशी के बाद प्रशासन पानी नहर में छोड़ने पर राजी हो गया। प्रशासन ने मारकंडा से करीब 1200 क्यूसेक पानी एसवाईएल में छोड़ दिया। उफनते मारकंडा ने डराया उफनते मारकंडा को देखकर किसानों को उसके ओवरफ्लो होने का डर सता रहा था। अगर मारकंडा ओवरफ्लो हुआ तो पानी सबसे पहले खेतों की तरफ मार करेगा, जिससे उनकी खेतों में खड़ी फसलें खराब हो जाएगी। इसलिए झांसा के आसपास के गांव के किसान एकमत हो गए। सुबह 9 बजे हुए इकट्ठा ठसका मीरांजी, नैसी, अजमतपुर, दुनिया माजरा, मेघा माजरा, जलबेहड़ा, झांसा, अजराना खुर्द, खंजरपुर, रोहटी और आसपास के गांव के किसानों ने प्रशासन से मारकंडा का पानी एसवाईएल नहर में छोड़ने की मांग की, मगर प्रशासन ने साफ मना कर दिया था। दोपहर को किसानों ने जाम लगाने का चेतावनी दी। मौके पर पहुंचे अधिकारी स्थिति बिगड़ने की आशंका के बीच नहरी विभाग के एक्सईएन मनीष बब्बर, डीएसपी रामकुमार और एसडीओ अनिल कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन किसान गेट खोलने पर अड़े रहे। माहौल लगातार तनावपूर्ण होता गया प्रशासन ने राजी हाे गया।
कुरुक्षेत्र में मारकंडा का पानी एसवाईएल में छोड़ा:5 घंटे चली किसान-प्रशासन के बीच रस्साकशी; मारकंडा का उफान देखकर डरे हुए थे ग्रामीण
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