गोरखपुर: जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं बहनें, सलाखों के बीच बंधी मोहब्बत की डोर

by Carbonmedia
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देशभर में आज भाई-बहनों का पवित्र पर्व रक्षाबंधन मनाया जा रहा है. गोरखपुर के जिला कारागार में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंची. थाली में राखी, मिठाई और दिल में दुआएं लेकर अपने भाइयों से मिलने सुबह ही जिला कारागार (जेल) पर पहुंची बहनें लम्बी कतार में दिखीं. जेल में भाइयों को राखी बांधकर बहनों की आंखें नम हो गई. वहीं बसों में नि:शुल्क सफर से उनके चेहरे खिल गए.
गोरखपुर में जेल प्रशासन की तरफ से बहनों के लिए शासन के निर्देश पर विशेष व्यवस्था की गई. साफ-सफाई की व्यवस्था के साथ बैठने और पेयजल का इंतजाम भी किया गया. जो बहन रक्षाबंधन पर्व पर राखी नहीं लाई हैं, उनके लिए जेल के अंदर नि:शुल्क व्यवस्था की गई है. कैदियों द्वारा तैयार की गई राखी का भी स्टॉल बाहर लगाया गया.
सुबह से ही लग गयीं कतारें
गोरखपुर मंडलीय कारागार जेल अधीक्षक डीके पांडेय, जेलर अरुण कुशवाहा, डिप्टी जेलर विजय कुमार सुबह से ही व्यवस्था में लग रहे. सुबह 7 बजे से ही कतारों में खड़ी बहनों को मिलने का सिलसिला शुरू हुआ. सैकड़ों की संख्या में दूरदराज से पहुंची बहनों ने भाइयों के लिए मिठाई व अन्य सामान लेकर पहुंचीं. जेल प्रशासन ने इस खास दिन पर सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा इंतजाम किया. जेल में बंद भाइयों ने बहनों से राखी बंधवाकर आशीर्वाद लिया और बहनों ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की.
 फ्री बस सेवा से महिलाएं खुश
दूर-दराज से आने वाली महिलाओं के लिए सरकार की ओर से नि:शुल्क बस के इंतजाम से उनके चेहरे खिल गए. महिलाओं ने कहा कि बसों में नि:शुल्क सफर की वजह से उन्हें भाइयों को राखी बांधने पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं हुई. सरकार ने बहनों के लिए 3 दिन निशुल्क सफर की व्यवस्था करके उन्हें रक्षाबंधन पर अनोखा उपहार दिया है, जिससे वह समय से घर पहुंचकर भाइयों को राखी बांधकर उनका मुंह मीठा करा पाई हैं.
10 अगस्त की आधी रात तक जारी रहेगी बहनों के लिए निशुल्क सेवा
गोरखपुर रोडवेज के एआरएम महेश चंद्र ने बताया क‍ि रक्षाबंधन का पर्व आज है. रोडवेज की ओर से महिला यात्रियों के साथ उनके साथ आने वाले को निःशुल्‍क सुविधा प्रदान की गई है. 8 अगस्‍त से ही ये सुविधा उपलब्‍ध कराई गई है. रक्षाबंधन का पर्व होने की वजह से शनिवार 9 अगस्‍त को बसों में भीड़ बढ़ गई है. ऐसे में बसों को डाइवर्ट भी किया गया है. वे लोग खुद सड़क पर खड़े होकर बसों को जहां जाना है, वहां के लिए डायवर्ट किया जा रहा है. 10 अगस्‍त की रात 12 बजे तक निःशुल्‍क यात्रा की सुविधा दी गई है. ऐसे में रोडवेज की बसों में सफर करने वालों की भीड़ भी रहेगी.
रिश्तों की यह डोर साबित करती है कि मोहब्बत और अपनापन किसी दीवार या सलाखों का मोहताज नहीं होता है. जेल में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंची बहनों की आंखें नम रहीं. सलाखों के बीच नेह की डोर बांधी गई, जिसने ये साबित कर दिया कि कोई भी दीवार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के बीच नहीं आ सकती है.

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