सरकार की ओर से बाजरे की खरीद की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं की है जबकि किसान मंडियों में बाजरा लेकर पहुंच रहे हैं। खरीद एजेंसियों का इंतजार किए बिना ही किसानों की ओर से झज्जर जिले के किसान मंडियों में बाजरा पहुंचाने लगे हैं। झज्जर जिले के किसान पिछले तीन चार दिन से मंडी में बाजरा लेकर पहुंच रहे हैं लेकिन उनकी खरीद के लिए अभी तक सरकार की ओर से तय नहीं किया गया है कि कौन सी एजेंसी कहां खरीद करेगी। हालांकि जिले में बाजरे की खरीद के लिए सरकार की ओर से कोई भी एजेंसी को नियुक्त नहीं किया गया है। मंडी के कार्यवाहक प्रधान हरेंद्र सिलाना ने बताया कि अबकी बार बारिश को देखते हुए किसानों ने बाजरे की फसल समय से पहले ही बुआई कर दी थी। जिसके कारण अब मंडियों में हजारों क्विंटल बाजरा आ चुका है। उन्होंने बताया कि अभी तक मंडी के आढ़तियों के पास सरकार का कोई मैसेज या लेटर नहीं आया है कि खरीद कब शुरू की जाएगी और कौन सी एजेंसी करेगी। बाजरे का मूल्य 2775 रुपए प्रति क्विंटल जिले में बनाई मंडियों में किसान बाजरा लेकर पहुंचने लगे हैं। लेकिन सरकार व प्रशासन की ओर से बाजरे की खरीद की तैयारी नहीं की गई है। जिले में अब तक मार्किट कमेटी झज्जर के सचिव रामनिवास के अनुसार करीब 18 हजार क्विंटल बाजरा मंडियों में पहुंच चुका है। इस बार सरकार की ओर से बाजरे की खरीद का मूल्य बढ़ाकर 2775 रुपए प्रति क्विंटल लागू किया गया है। एक अक्तूबर से शुरू होती है खरीद वहीं मंडी के कार्यवाहक प्रधान ने सरकार से मांग की है कि जल्द ही सरकार बाजरे की खरीद का कार्य शुरू करे ताकि खरीद में आढ़तियों को परेशानी न हो और किसानों को भी जल्द ही उनकी फसल का भुगतान हो सके। वहीं मार्किट कमेटी सचिव रामनिवास ने बताया कि अभी तक सरकार की ओर से कोई भी गाइडलाइन खरीद के लिए नहीं आई है। वहीं उन्होंने बताया आमतौर पर एक अक्तूबर से खरीद होती है। वहीं उन्होंने बताया कि 2023 में बाजरे की मंडियों में आवक पहले होने के चलते 23 सितंबर से ही खरीद शुरू की गई थी।
झज्जर मंडी में बाजरे की आवक शुरू, खरीद नहीं:सरकार ने नहीं की खरीद की तारीख तय, सैकड़ों क्विंटल अनाज मंडियों में पहुंचा
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