भास्कर न्यूज | अमृतसर निगम कमिश्नर रहे गुलप्रीत सिंह औलख के निर्देशन में लगाया गया डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के टेंडर का टेक्निकल बिड क्लियर हो गया है। जो अब फाइनेंशियल बिड के लिए भेजी जाएगी। सबसे कम प्राइस देने वाली कंपनी को यह टेंडर अलॉट हो जाएगा। बता दें कि 85 वार्डों को 2 भागों में बांटकर 3-3 साल के लिए टेंडर अलॉट किया जाएगा। जिसे निगम 3-3 साल फिर 2 साल के लिए एक्सटेंड कर सकेगा। यानि कि 8 सालों तक इस टेंडर को एक्सटेंड करने का अधिकार निगम के पास रहेगा। गौर हो कि निगम ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर 44 वार्ड और 41 वार्ड दो भागों में बांटा है। 44 वार्डों के लिए टेक्निकल बिड में भारत विकास ग्रुप (बीवीजी), थ्री ऑर सॉल्यूशन, एल्वाजो इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने टेक्निकल बिड क्लियर किया है। जिसका रिजर्व प्राइस 49.37 करोड़ रुपए है। जबकि 41 वार्डों के टेंडर के लिए बीजीसी और थ्री आर सॉल्यूशन कंपनी ने टेक्निकल बिड फाइनल कर लिया है। इस टेंडर का रिजर्व प्राइस 48.37 करोड़ रुपए है। जो कंपनी सबसे कम बोली लगाएगी टेंडर उसे अलॉट कर दिया जाएगा। फिलहाल, टेंडर तो पूर्व में कमिश्नर रहे औलख ने लगवाया था। लेकिन इसे अब अंतिम रूप निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल देंगे। दरअसल, कूड़ा उठान शहर की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। सड़कों से लेकर लोगों के घरों का कूड़ा उठाने में निगम की टीमें व अभियान फेल साबित हो रही। 41 वार्डों वाली कंपनी के पास साउथ हलका में सबसे अधिक 16 वार्डों की जिम्मेदारी होगी जिसमें 33 से 42 और 62 से 67 वार्ड शामिल होंगे। जबकि सेंट्रल हलका में 13 वार्ड 48 से 61 और 68 से लेकर 71 नंबर वार्ड तो वेस्ट में 10 वार्ड 72 से 76 फिर 78,80,82,84 और 56 नंबर वार्ड की जिम्मेदारी होगी। सबसे कम नॉर्थ हलका में सिर्फ 52 वार्ड की सफाई का काम कंपनी देखेगी। 44 वार्डों के पास कूड़ा कलेक्शन का जो काम सौंपा जाएगा सबसे अधिक ईस्ट हलका में 18 वार्डों का काम रहेगा। जिसमें 20 से 32 और 43 से 47 नंबर वार्ड शामिल होंगे। जबकि वेस्ट हलका के 9 वार्ड होंगे। जिसमें 77,79,81,83,86, 53 के अलावा 1,2,3 और वार्ड-5 शामिल हैं। इसी तरह नॉर्थ में 18 वार्डों की जिम्मेदारी दी जाएगी। जिसमें 6 से 19 और 51 व 4 नंबर वार्ड शामिल होंगे। गौर हो कंपनियों को वर्कऑर्डर होने के बाद समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। हो कि अवर्डा ने काम नहीं करने का लैटर निगम को लिख दिया था। 22 अक्टूबर से सफाई का काम नहीं करेगी। ऐसे में निगम को चाहिए समय रहते यह टेंडर पूरा कराएं। ताकि आने वाले समय में बड़ी मुश्किलें खड़ी नहीं हो। बता दें कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर टेंडर पहले 15 सालों के लिए निर्धारित किया गया था। लेकिन बिडर नहीं आने पर समय सीमा घटाकर 8 साल कर दिया गया। इसके बाद भी टेक्निकल बिड क्लियर नहीं होने पर 3 सालों का टेंडर व 8 साल तक एक्सटेंड करने की शर्त के साथ निकाल गया। जो अब क्लियर हो गया है। फाइनेंशियल बिड ओपन होने के बाद पता लगेगा कि किसे टेंडर अलॉट हुआ है। कूड़ा उठान शहर की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। सड़कों से लेकर लोगों के घरों का कूड़ा उठाने में निगम की टीमें व अभियान फेल साबित हो रही।
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन टेंडर की बिड क्लियर, 85 वार्ड 2 भागों में बांटे
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