नालंदा के पावापुरी थाना क्षेत्र के पूरी गांव में बीते शुक्रवार (18 जुलाई, 2025) की शाम कर्ज से परेशान एक दुकानदार ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ जहर खा लिया था. जहर खाने से दो बेटियों की मौत हो गई थी. अब शख्स की पत्नी और एक बेटे की मौत हो गई है. पति का इलाज चल रहा है. यानी पांच लोगों में से चार की मौत हो गई है.
मरने वालों में शख्स की 38 वर्षीय पत्नी सोनी कुमारी, 16 वर्षीय पुत्री आरिका राज, 13-14 साल की बेटी दीपा और 15 साल का पुत्र शिवम है. जहर खाने के बाद सबकी तबीयत बिगड़ गई थी तो इन लोगों को इलाज के लिए विम्स लाया गया था. अब अस्पताल में सिर्फ शख्स धर्मेंद्र कुमार का इलाज चल रहा है.
शवों का कराया गया पोस्टमार्टम
घटना के बाद शवों का आज (शनिवार) पोस्टमार्टम कराया गया. इस मामले में एसपी भारत सोनी खुद जांच के लिए शनिवार को मौके पर पहुंचे. जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. जल्द ही कर्ज देने वालों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी. पीड़ित के मोबाइल समेत अन्य कागजात जो मिले हैं पुलिस उसकी जांच कर रही है.
परिवार के कुल छह सदस्यों में से चार की मौत हो गई है जबकि सात साल के सबसे छोटे बेटे सत्यम ने जहर नहीं खाया था जिसके चलते वह बच गया. जहर खाने के बाद सोनी ने एक परिवार को कॉल कर कहा कि उन लोगों ने जहर खा लिया है. छोटे बेटे का आप लोग पालन-पोषण कर दीजिएगा. इसके बाद हड़कंप मच गया. पड़ोसियों को सूचना दी गई. फिर सबको अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन बहुत देर हो चुकी थी.
कर्ज ने खत्म किया परिवार
बता दें कि परिवार ने कर्ज से परेशान होकर जहर खाया था. धर्मेंद्र कुमार धर्मेंद्र कुमार जल मंदिर के पास एक कपड़े की दुकान चलाते हैं. मूल रूप से शेखपुरा के परनकमा गांव के रहने वाले हैं. अभी परिवार पावापुरी में किराए पर रहता था. इस घटना के सामने आने के बाद हर कोई हैरान है. परिजन को गहरा सदमा लगा है.
नालंदा जहर कांड: कर्ज से परिवार खत्म! 2 बेटियों के बाद अब पत्नी और बेटे की भी मौत, पति भर्ती
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