हरियाणा के नूंह जिले में लगातार हो रही बारिश ने नूंह जिले में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जगह-जगह पानी भर जाने से ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले के कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिनमें बैसी, पल्ला कॉलोनी, जाजूका, टाईं , जैवत और नौशेरा प्रमुख रूप से प्रभावित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से हो रही बारिश ने उनके जीवन को ठप कर दिया है। गांव बैंसी में हालत सबसे गंभीर बने हुए हैं। यहां खेत और रास्ते पानी में डूब गए हैं। स्थिति इतनी खराब है कि किसान ड्रामों पर बैठकर अपने पशुओं के लिए चारा लाने को मजबूर हैं। इसके साथ ही गुरुवार को भी सुबह करीब 5 बजे जिल के कई हिस्सों में तेज बारिश देखने को मिली हैं। अभी भी बादल छाए हुए है। ग्रामीण कर रहे मदद का इंतजार ग्रामीणों ने बताया कि अगर पानी जल्द नहीं निकला तो पशुओं को चारे और चारे के भंडारण तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव की समस्या हर साल सामने आती है, लेकिन इस बार हालत ज्यादा खराब हैं। नालों की सफाई और पानी निकासी की व्यवस्था समय पर नहीं होने से परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत राहत कार्य शुरू किए जाएं और जल निकासी की जाए लगातार हो रही बारिश और जलभराव से ग्रामीण अब प्रशासन की मदद का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उनके जीवन की मुश्किलें कुछ कम हो सकें। ड्रामों पर बैठकर पशुओं को चारा लेकर आ रही महिलाएं गांव बैंसी के रहने वाले अभय सिंह सैनी ने बताया कि उनके गांव में पिछले काफी समय से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। खेतों को जाने वाले रास्तों की हालत सबसे खराब है। लोगों ने ड्रम की नाव बनाई हुई है। जिससे वह पशुओं के लिए चारा और घर का राशन लेकर आते हैं। ज्यादातर महिलाएं इन ड्रामों से पशुओं के लिए चारा लेकर आती है। हालांकि ग्रामीणों ने पानी निकासी के लिए पंप भी लगाए हुए है ,लेकिन ज्यादा बारिश और पानी भरा होने के कारण पानी निकलने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
नूंह के गांव में ड्रम की बनाई नाव:कई गांवों में जलभराव से हाहाकार,घर जाने और पशुओं का चारा लाने में समस्या
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