पानीपत के सेक्टर-25 पार्ट टू में एक नाबालिग लड़की ने पंखे से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए शहर के सिविल अस्पताल में भिजवाया और मामले की जांच शुरू कर दी है। परिवार से अलग रहती थी जानकारी के अनुसार सिविल अस्पताल में पहुंची सहेली ने पुलिस को दी जानकारी में बताया कि मूलरूप से नेपाल की रहने वाली 17 वर्षीय कृष्णा सेक्टर-25 पार्ट टू में इंडो फॉर्म के पास रहती थी, जो कि कोठी में काम करती थी। कृष्णा की दो बहनें और दो भाई भी है। जिनमें से एक बहन की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी बहन कृष्णा के साथ ही रहती थी। बताया जा रहा है कि कृष्ण पिछले कुछ समय से परिवार से अलग रहती थी। बहन के काम पर जाने के बाद वारदात सोमवार को कोठी पर काम करने के लिए बहन चली गई, लेकिन कृष्णा कमरे पर ही मौजूद रही। बहन के जाने के बाद उसने पंखे से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। पड़ोसियों को भनक लगने पर उन्होंने कृष्णा की बहन को सूचित किया। पड़ोसियों और बहन ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पहुंचकर फंदे से कृष्णा के शव को नीचे उतारा और पोस्टमॉर्टम के लिए शव सिविल अस्पताल भिजवाया। प्रेम ने बात करना छोड़ दिया था सहेली ने बताया कि कृष्णा की कृष्णा गार्डन पर रहने वाले साहिल के साथ दोस्ती हो गई थी। जिसके बाद दोनों में बातचीत होती थी। जिसके कुछ समय के पश्चात साहिल काम के सिलसिले में गोवा चला गया और उसने कृष्णा से बात करना भी बंद कर दिया। उसने सुसाइड क्यों किया, इसका कारण हमें भी जानना है, क्योंकि उसके मिलने-जुलने से ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगता था कि ये सुसाइड करेगी। दोपहर में काम पर नहीं गई सहेली ने बताया कि कृष्णा सुबह 6 बजे कोठी में काम पर जाती थी और 10 बजे वापस लौट आती थी। जिसके बाद दोपहर में फिर से कोठी पर काम करने के लिए जाती थी, जो कि सोमवार को दोपहर में काम करने के लिए कोठी पर नहीं गई। वहीं प्रेम प्रसंग के चलते ही परिवार से कृष्णा की अनबन हुई थी। जिसके चलते वह बहन के साथ अलग रह रही थी। परिजन कृष्णा को समझाते थे कि ये सब गलत है। वहीं मामले में पुलिस द्वारा जांच की जा रही है, परिजनों एवं पड़ोसियों के बयान के आधार पर जांच में जो भी सामने आएगा, उसी के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पानीपत में नाबालिग लड़की ने फंदा लगाकर दी जान:परिवार से अलग रह रही थी, प्रेमी छोड़कर जा बसा गोवा
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