कैथल जिले के पूंडरी के गांव कौल में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भाकियू नेता राजीव आर्य ने की, जबकि संचालन किसान जयदेव दादू पर द्वारा किया गया। इस अवसर पर सभी ने संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। कागजों में सिमटा दोगुनी आय का वादा बैठक को संबोधित करते हुए राजीव आर्य ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार झूठ बोलकर किसानों और श्रमिकों को गुमराह कर रही है। किसानों की दोगुनी आय का वायदा केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। किसान-श्रमिक बोझ के तले दबे आर्य ने बताया कि जनसूचना अधिकार कानून के तहत पिछले 10 वर्षों में किसानों को फसलों की लागत से भी कम कीमत मिली है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में किसान-मजदूर कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों से जमीन छीनकर उन्हें कर्जदार बनाया जा रहा है। सरकार कृषि प्रधान देश को मजदूर प्रधान देश में बदल रही है। 25 हजार प्रतिमाह पेंशन की मांग आर्य ने मांग की, कि किसानों को फसलों की कीमत स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार दी जाए। भाकियू नेता ने न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए गारंटी कानून बनाने की मांग की। साथ ही उन्होंने सभी किसानों-मजदूरों के कर्ज माफ करने और उन्हें 25 रुपए प्रतिमाह पेंशन देने की मांग भी रखी।
पूंडरी में भाकियू ने भाजपा पर जड़े आरोप:कागजों में सिमटा दोगुनी आय का वादा, फसलों की लागत मिली कम
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