फरीदाबाद की 13 ईएसआई डिस्पेंसरियों में बनेगी पैथोलॉजी लैब:3 करोड़ का बजट जारी, निदेशक बोले-प्रतिदिन 450 मरीजों के टेस्ट होंगे

by Carbonmedia
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फरीदाबाद जिले के ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) कार्डधारकों के लिए राहत भरी खबर है। जिले की 13 ईएसआई डिस्पेंसरियों में अब जल्द ही पैथोलॉजी लैब की सुविधा शुरू होने जा रही है। इन लैब्स में खून की जांच, थायराइड समेत अन्य सामान्य बीमारियों की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। जानकारी के अनुसार ईएसआई हेल्थ केयर हरियाणा की ओर से इसके लिए तीन करोड़ रुपए का बजट जारी कर दिया गया है। यह कदम जिले के 50 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को सीधा लाभ देगा, जिन्हें अब सामान्य जांचों के लिए ईएसआईसी अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। घंटों तक इंतजार करते थे मरीज फिलहाल, जिले की ईएसआई डिस्पेंसरियों में पैथ लैब की सुविधा न होने के कारण मरीजों को जांच के लिए एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल जाना पड़ता था। वहां पहले से ही भीड़ अधिक रहती है, जिससे रेफर होकर पहुंचे मरीजों को कई बार घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। कई मरीज समय पर जांच न होने की स्थिति में बिना जांच के ही लौट जाते हैं या मजबूरी में निजी लैब में जांच करवाकर अतिरिक्त खर्च उठाते हैं। उपकरणों की खरीद प्रक्रिया शुरू ईएसआई हेल्थ केयर हरियाणा द्वारा हरियाणा मेडिकल सर्विस लिमिटेड को तीन करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। इस राशि से पैथ लैब शुरू करने के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी 13 डिस्पेंसरियों में उपकरण पहुंचा दिए जाएंगे और जांच सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। तकनीशियन की नियुक्ति पूरी डिस्पेंसरियों में पैथ लैब शुरू करने के लिए लैब तकनीशियन की नियुक्ति पहले ही कर दी गई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि लैब शुरू होते ही बिना किसी देरी के मरीजों को जांच सेवाएं उपलब्ध हो सकें। ईएसआई अधिकारियों के अनुसार, सभी डिस्पेंसरियों में पैथ लैब के शुरू हो जाने के बाद प्रतिदिन लगभग 450 मरीजों के टेस्ट किए जा सकेंगे। इससे रक्त जांच, थायराइड, शुगर, और अन्य सामान्य बीमारियों की जांच के लिए मरीजों को कहीं और जाने की आवश्यकता नहीं होगी। निदेशक का बयान डॉ. अनिल मलिक, निदेशक, ईएसआई हेल्थ केयर ने बताया, “डिस्पेंसरियों में पैथ लैब जल्द ही शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए फंड जारी किया जा चुका है। वहीं उपकरणों की खरीद प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इससे मरीजों को काफी लाभ पहुंचेगा और उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा।”

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