‘ब्रह्मोस ने दिखाई भारत की स्वदेशी तकनीक की ताकत’, ऑपरेशन सिंदूर पर बोले DRDO चीफ

by Carbonmedia
()

भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के प्रमुख समीर कामत ने शनिवार (9 अगस्त, 2025) को ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है. डीआरडीओ चीफ ने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में गहराई तक अंदर घुसकर आतंकवादियों और पाकिस्तानी सेना के ठिकानों को तबाह किया है. यह ऑपरेशन पाकिस्तानी आतंकवादी हमले के खिलाफ सिर्फ एक मुंहतोड़ जवाब हीं नहीं, बल्कि भारत की अपनी स्वदेशी तकनीक के जरिए अपनी रक्षा करने की क्षमता का भी ऐलान था.
डीआरडीओ चीफ ने ऑपरेशन सिंदूर पर बयान देते हुए न सिर्फ भारत के सशस्त्र सेना के जवानों के शौर्य और साहस को सराया, बल्कि इस दौरान उन्होंने उस तकनीकी आधार के बारे में बताया, जिसने भारतीय सेना के प्रहार को और घातक बना दिया.
IAF चीफ के बयान के बाद DRDO प्रमुख ने कही ये बात
डीआरडीओ चीफ समीर कामत ने यह बात महाराष्ट्र के पुणे स्थित डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी (DIAT) के 14वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कही. उनका यह बयान भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह के ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के पांच लडाकू विमान और एक अन्य बड़े विमान को मार गिराने वाले बयान के कुछ घंटे बाद आया. वायुसेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की ओर से अब तक सबसे बड़ा सतह से हवा में मार गिराने वाला अभियान करार दिया.
DRDO चीफ ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक मिशन से कहीं ज्यादा था. यह आत्मनिर्भरता, रणनीतिक दूरदृष्टि और स्वदेशी तकनीक की ताकत के बदौलत भारत की सामर्थ्य को दिखाने का ऐलान था. इसके अलावा, यह दुनिया के लिए भी एक संदेश था कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा अपनी स्वदेशी तकनीक से करने की क्षमता रखता है.”
ब्रह्मोस ने पाकिस्तान में कई लक्ष्यों को बनाया सफल निशाना- कामत
डीआरडीओ प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत का जिक्र करते हुए कहा, “भारत के ब्रह्मोस ने पाकिस्तान में अपने कई लक्ष्यों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया. रूस के साथ संयुक्त रूप से विकसित किए गए ब्रह्मोस के पाकिस्तान में इस्तेमाल से इस क्रूज मिसाइल की भयानक मारक क्षमता का भी प्रदर्शन हुआ.
उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर में जहां तक भारत के सबसे आक्रामक हथियारों की बात है, तो इनमें ब्रह्मोस सबसे मुख्य हथियार था. ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल को विशेष रूप से हमारे सुखोई-30 MKI प्लेटफॉर्म से एयर-लॉन्च किया गया. वहीं, रक्षात्मक हथियार प्रणालियों में आकाश डिफेंस सिस्टम, डी-4 सिस्टम (जो एक एंटी-ड्रोन सिस्टम है) और MR-SAM का इस्तेमाल किया गया.”
यह भी पढ़ेंः ‘300 किमी दूर से मार गिराया PAK का फाइटर जेट’, IAF चीफ ने ऑपरेशन सिंदूर पर किए ये बड़े खुलासे

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating / 5. Vote count:

No votes so far! Be the first to rate this post.

Related Articles

Leave a Comment