मुख्य सचिव के निर्देश:सेना की एनओसी के बिना मल्टीप्लेक्स न बने, फिर भी निर्माण जारी

by Carbonmedia
()

भास्कर न्यूज | अमृतसर रणजीत एवेन्यू में बन रहे मल्टीप्लेक्स को एनओसी देने के अधिका​र को लेकर ट्रस्ट और पुडा में जारी विवाद को मुख्य सचिव ने खत्म कर दिया है। मुख्य सचिव ने इसे लेकर बीते दिनों दोनों विभागों के अधिकारियों की मीटिंग से मीटिंग की, जिसमें उन्होंने साफ किया ​निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित कंपनी को ट्रस्ट की बजाय पुडा से एनओसी लेनी होगी। इसी के साथ ही सेना की एनओसी भी जरूरी होगी। इसके बावजूद सेना से मंजूरी लिए बिना ही मल्टीप्लेक्स का निर्माण फिर शुरू हो गया है। उल्टी काम ने तेजी पकड़ ली है। मीटिंग के बाद 29 अगस्त को पुडा के वरिष्ठ मुख्य प्रशासक ने लेटर जारी किया। इसमें लिखा कि ओयूवीजीएल स्कीम के तहत पुडा को इन दोनों साइट की कुल 6.51 एकड़ जमीन दी गई थी। यह जमीन खुली बोली के जरिए बेची जा चुकी है। इसमें 2.78 एकड़ बीते 25 जनवरी 2018 को, 1.5 एकड़ 21 जून 2018 और 2.23 एकड़ जगह 4 फरवरी 2021 को बेची गई थी। दोनों साइटों की कुल टेंटेटिव कास्ट 178.22 करोड़ रुपए थी। इसमें 125.81 करोड़ रुपए अब तक पुडा को मिल चुके हैं। इन साइटों के विरुद्ध पुडा की तरफ से 175 करोड़ रुपए पंजाब सरकार को दिए गए हैं। इसलिए नक्शा पास करना और साइट की सब-डिवीजन करने का पूरा अधिकार पुडा के पास होगा। निर्माण कराने वाले अलॉटी सेना से एनओसी लेंगे और बाकी जरूरी मंजूरियां भी दिलवाई जाएंगी। 2014-15 में एयरफोर्स स्टेशन के पीछे 9 हजार गज जगह पर एससीओ और रेजीडेंशियल प्लॉट बनाने का प्लान तैयार हुआ था। लेकिन एयरफोर्स ने सुरक्षा का हवाला देकर इसे रद्द करवा दिया। बाद में यह प्रोजेक्ट दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। अब सवाल यह है कि जब छोटे-छोटे घरों को बनाने पर सुरक्षा खतरा बताया गया था तो फिर आर्मी की सीमा में 50 फीट से ज्यादा ऊंचाई वाला मल्टीप्लेक्स कैसे बन सकता है? पुडा अपनी साइट पर मंजूरी भले दे दे, लेकिन आर्मी के नोटिफिकेशन के खिलाफ जाकर कैसे मनमानी कर सकता है? इससे पहले इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने एनओसी और नक्शा पास न करवाए जाने की बात कह कर मल्टीप्लेक्स का काम रुकवा दिया था। हालांकि बाद कई बार काम चालू हुआ और कई बार रुकवाया गया। 23 मई को स्टेशन हेडक्वार्टर कैंटोनमेंट बोर्ड ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी कि यह मल्टीप्लेक्स आर्मी कैंटोनमेंट के 100 मीटर के दायरे में बन रहा है। यह 2011 की गाइडलाइन का उल्लंघन है। 28 मई को यह शिकायत रणजीत एवेन्यू थाने को भेजी गई थी। नियम साफ कहते हैं कि डिफेंस मिनिस्ट्री से मंजूरी के बिना इस इलाके में कोई निर्माण नहीं हो सकता। लेकिन पुडा अफसरों ने रेवेन्यू के नाम पर सुरक्षा नियम ताक पर रख दिए। रणजीत एवेन्यू की 97 एकड़ स्कीम में मल्टीनेशनल होटल चेन का यह मल्टीप्लेक्स प्रोजेक्ट ऊंचाई और फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) के नियमों की भी अनदेखी कर रहा है।

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating / 5. Vote count:

No votes so far! Be the first to rate this post.

Related Articles

Leave a Comment