यूपी की बस्ती पुलिस ने आज एक संगठित ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो जमीन और शेयर बाजार में निवेश के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करता था. इस गैंग को ‘बंटी-बबली’ जोड़ी के नाम से जाना जाता था, जो भोले-भाले लोगों को लुभावने वादों के जाल में फंसाकर शहर से भागने की फिराक में थी. पुलिस की कार्रवाई से गैंग के सरगना गौरव प्रजापति के माता-पिता, रामाश्रय प्रजापति और किरन प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि गौरव प्रजापति अपनी पत्नी और बच्चों के साथ फरार है.
यह गैंग निवेशकों को हर महीने 10% मुनाफे का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था. मास्टरमाइंड गौरव प्रजापति ने ‘इनफिस्ट इन्वेस्टमेंट एंड ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की फर्जी कंपनी के जाली दस्तावेज, नोटरीकृत एग्रीमेंट, और फर्जी ब्रोकरेज लाइसेंस दिखाकर लोगों का भरोसा जीता. इस चालाकी से पीड़ित आसानी से ठगी का शिकार हो गए. पुलिस ने बताया कि गैंग ने दो प्रमुख पीड़ितों को निशाना बनाया. अमरजीत सिंह से 35.60 लाख रुपये और बबलू चौधरी से 16.50 लाख रुपये ठगे गए. अधिकारियों का अनुमान है कि पीड़ितों की संख्या और ठगी की राशि इससे कहीं अधिक हो सकती है.
कार्रवाई और मुकदमे
पुलिस ने इस मामले में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं. मामला संख्या 277/2025, 278/2025, और 304/2025- जिनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. गौरव प्रजापति अपनी पत्नी और बच्चों के साथ एक कार में फरार हुआ, जो उसके भाई सौरभ प्रजापति के नाम पर रजिस्टर्ड है. पुलिस ने 27 अगस्त को मड़वानगर स्थित घर से रामाश्रय और किरन प्रजापति को गिरफ्तार किया. एसपी अभिनंदन ने बताया कि एक दंपत्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गौरव प्रजापति फरार है. उसकी तलाश के लिए दबिश जारी है, और जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा.
फरार आरोपी की तलाश
गौरव प्रजापति की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं. फरार होने से पहले उसने परिवार के साथ शहर छोड़ने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उसे सफल नहीं होने दिया. इस मामले में और पीड़ितों के सामने आने की संभावना है, जिसके बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है.
यूपी: बस्ती में ‘बंटी-बबली’ ठगी गैंग का पर्दाफाश, लाखों की चपत लगाने वाला मास्टरमाइंड फरार
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