रोहतक में राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा का महम में विरोध:मंडल अध्यक्षों ने मीटिंग का किया बहिष्कार, सीएम से करेंगे शिकायत

by Carbonmedia
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रोहतक के महम हलके में मंडल अध्यक्षों की मीटिंग में विश्वकर्मा जयंती क निमंत्रण देने पहुंचे राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा का भाजपा मंडल अध्यक्षों ने विरोध किया। मंडल अध्यक्ष मीटिंग को बीच में छोड़कर बाहर निकल गए और मान सम्मान न मिलने पर मीटिंग का बहिष्कार करने की बात कही। राज्यसभा सांसद महम हलके में मंडल अध्यक्षों की मीटिंग ले रहे थे। साथ ही विश्वकर्मा जयंती कार्यक्रम को लेकर ड्यूटी लगा रहे थे। इसी दौरान लाखनमाजरा, सैमाण व मोखरा मंडल अध्यक्ष अपने साथियों के साथ मीटिंग का बहिष्कार करते हुए बाहर निकल गए। मंडल अध्यक्षों ने कहा कि उन्हें उचित मान सम्मान नहीं दिया गया, जिसके बारे में प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली व सीएम नायब सैनी से शिकायत करेंगे। जो कांग्रेसी, उनके हाथ में माइक, जो दीपक हुड्डा के साथ, वो बाहर
सैमाण तपा मंडल अध्यक्ष मनोज पहलवान ने कहा कि 2004 में पार्टी से जुड़ा था। इतने मेहनती व मजबूत कार्यकर्ता है, इसलिए तो पार्टी ने मंडल अध्यक्ष बनाए। आज हमारी ही नहीं सुनी जा रही। स्टेज संचालक जो है, वो इलेक्शन में हमारे साथ नहीं थे। जो अगली तरफ वीआईपी स्टेज पर बैठे थे, वो सारे कांग्रेसी है। मनोज पहलवान ने कहा कि जो सही बीजेपी है, वो बाहर खड़े हैं। जो इलेक्शन में दीपक हुड्डा के साथ थे, तीनों मंडल अध्यक्ष है। लेकिन उन्हें सबसे पिछली कुर्सी पर बैठाया गया, जिससे शर्मिंदगी महसूस हुई तो बाहर आ गए। इसके बारे में प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली व सीएम नायब सैनी को बताएंगे कि अगर हमारा मान सम्मान ही नहीं होता तो हमें क्यों बैठा रखा है। जहां मान सम्मान मिलेगा, वहां बैठक में जाएंगे
मोखरा मंडल अध्यक्ष मुकेश ने कहा कि भाजपा के साथ 2004 से जुड़ा हूं। युवा मोर्चा में रहा, प्रदेश उपाध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष, जरनल बॉडी में उपाध्यक्ष, जिला सचिव व अब मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी। मैने कभी नहीं कहा कि छोटा पद क्यों दिया। मुकेश ने कहा कि प्रदेश से अब मंडल में जिम्मेदारी दी है, लेकिन मान सम्मान की लड़ाई है। 10 साल से सरकार है, जहां मान सम्मान मिलेगा, वहां बैठक में जाएंगे। लेकिन जहां मान सम्मान नहीं होगा, वहां नहीं जाएंगे। मान सम्मान में रही कमी, इसलिए बाहर निकले
मंडल प्रभारी मोखरा संदीप नैन ने कहा कि मंडल अध्यक्षों को लगा कि मान सम्मान जो मिलना चाहिए था, उसमें कमी रही, न्यूनता रही है। इस बात का उन्हें अच्छा नहीं लगा। इसलिए अंदर कुछ ना करके बाहर आ गए। मंडल अध्यक्ष के दायित्व के अनुसार सम्मान नहीं दिया गया। चुनाव में साथ न देने वाले माइक लेकर बैठे
लाखनमाजरा मंडल अध्यक्ष अमित चौहान ने कहा कि उनकी लड़ाई केवल मान सम्मान की है। संगठन के लिए काम कर रहे है और आगे भी करते रहेंगे। जो चुनाव में भाजपा के साथ नहीं थे, वो आज माइक लेकर आगे बैठे हुए हैं, जबकि कर्मठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है।

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