बिहार में एक तरफ विधानसभा का चुनाव होना है तो दूसरी ओर ऐसा लग रहा है कि लालू परिवार में कोई विवाद चल रहा है. लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के एक्स (पहले ट्विटर) पोस्ट से कुछ ऐसा ही लग रहा है. शुक्रवार (19 सितंबर, 2025) को रोहिणी आचार्य ने अपने एक्स हैंडल से कई पोस्ट को शेयर किया है.
अपने एक पोस्ट में रोहिणी आचार्य लिखती हैं, “मैंने एक बेटी व बहन के तौर पर अपना कर्तव्य एवं धर्म निभाया है और आगे भी निभाती रहूंगी. मुझे किसी पद की लालसा नहीं है, न मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा है. मेरे लिए मेरा आत्मसम्मान सर्वोपरि है.”
मैंने एक बेटी व् बहन के तौर पर अपना कर्तव्य एवं धर्म निभाया है और आगे भी निभाती रहूँगी , मुझे किसी पद की लालसा नहीं है, न मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा है ,मेरे लिए मेरा आत्म – सम्मान सर्वोपरि है 🙏
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) September 19, 2025
रोहिणी किस बात से नाराज हैं इस पोस्ट से बहुत स्पष्ट नहीं हो रहा है, लेकिन आरजेडी सांसद संजय यादव (तेजस्वी यादव के सलाहकार भी) को लेकर कहीं न कहीं विवाद बताया जा रहा है. इसके कुछ कारण भी हैं. आरजेडी से निष्कासित तेज प्रताप यादव पहले ही संजय यादव का नाम लिए बिना उन्हें जयचंद बता चुके हैं.
दूसरी ओर रोहिणी आचार्य ने शुक्रवार को ही एक्स पर अपना एक वीडियो जारी किया है जिसके जरिए वे 2022 की तस्वीरें ताजा कर रही हैं. वे स्ट्रेचर पर अस्पताल में दिख रही हैं. 2022 में ही उनके पिता लालू का ऑपरेशन (किडनी ट्रांसप्लांट) हुआ था. वीडियो के साथ जो उन्होंने पोस्ट में लिखा है उससे उनकी नाराजगी साफ झलकती है. लिखती हैं, “जो जान हथेली पर रखते हुए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने का जज्बा रखते हैं, बेखौफी-बेबाकी-खुद्दारी तो उनके लहू में बहती है.”
जो जान हथेली पर रखते हुए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने का जज्बा रखते हैं , बेखौफी – बेबाकी – खुद्दारी तो उनके लहू में बहती है .. pic.twitter.com/5cL6GQcKdr
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) September 19, 2025
अचानक क्यों शुरू हो गई संजय यादव की चर्चा?
बता दें कि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव अभी ‘बिहार अधिकार यात्रा’ पर हैं. उनके साथ-साथ संजय यादव भी घूम रहे हैं. रोहिणी आचार्य ने बीते गुरुवार (18 सितंबर, 2025) से ही एक तरह से मोर्चा खोल दिया था. दरअसल आलोक कुमार नाम के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की थी जिसमें तेजस्वी यादव की यात्रा वाली बस में संजय यादव आगे वाली सीट पर बैठे दिख रहे थे. तस्वीर के साथ पोस्ट में कुछ बातें लिखी गई थीं. इसे रोहिणी ने री-शेयर कर दिया था. हालांकि रोहिणी ने इस पोस्ट पर कुछ लिखा नहीं था.
(नीचे देखें पोस्ट जिसे रोहिणी ने किया री-शेयर)
यह विवाद बढ़ता गया तो फिर डैमेज कंट्रोल की कोशिश की गई. बस में दो दलित नेताओं को भी आगे वाली सीट पर बैठाया गया. इस तस्वीर को गुरुवार की शाम रोहिणी ने अपने एक्स हैंडल से शेयर किया.
वंचितों व् समाज के आखिरी पायदान पर खड़े वर्ग – समूह को आगे लाना ही राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय लालू यादव जी के सामजिक – आर्थिक न्याय के अभियान का मूल मकसद रहा है, इन तस्वीरों में समाज के इन्हीं तबके से आने वालों को आगे बैठे देखना सुखद अनुभूति है 🙏 pic.twitter.com/vL3Bm2c1XB
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) September 18, 2025
इन दोनों तस्वीरों को शेयर करते हुए वे लिखती हैं, “वंचितों व समाज के आखिरी पायदान पर खड़े वर्ग-समूह को आगे लाना ही राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय लालू यादव जी के सामाजिक-आर्थिक न्याय के अभियान का मूल मकसद रहा है. इन तस्वीरों में समाज के इन्हीं तबके से आने वालों को आगे बैठे देखना सुखद अनुभूति है.”