सिरसा में घग्घर नदी से आई बाढ़ हालात पर सरकार एवं प्रशासन और सांसद एवं विधायक कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। हर कोई गांवों में दौरे पर गया और प्रशासन-सरकार को पत्र लिख दिया। प्रशासन उनको रखकर भूल गया। घग्घर के टूटे बांध अब तक बंध नहीं पाए हैं और दो गांवों में अभी भी घग्घर नदी के टूटे बांध से पानी खुला खेतों में चल रहा है। घग्घर का पानी धीरे-धीरे एक से दूसरे और दूसरे से तीसरे गांव में आ पहुंचा है। यह पानी गांव से सटे रिंग बांध तक आ पहुंचा है। शुरू में यह खतरा फसलों को तो था ही, लेकिन अब गांवों को भी सैताने लगा है। हालात ये हैं कि पनिहारी से नेजाडेला कलां और खैरेकां से ओटू हेड और केलनिया-झोरड़नाली में खेत डूब चुके हैं। जब से घग्घर नदी के जहां-जहां पर बांध रिसाव या कटाव से टूटे थे, वहां पर दरार और ज्यादा चौड़ी होती जा रही है। अगर यह बांध समय से बंध गए होते या बांध दिए गए होते यह तबाही रूक सकती थी। किसानों की फसलें डूबने से बर्बाद होन से बच जाती। अब तक प्रशासन और सांसद एवं विधायक जनप्रतिनिधि उन हालातों का आंखों देख हाल देख रहे हैं। मगर कोई भी उन बांध को बांधने या हिम्मत जुटाने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा। आखिर ग्रामीण भी इस इंतजार में हैं कि प्रशासन या सरकार का कोई नुमाइंदा उनके पास आए और उनके हर मदद उपलब्ध कराए। किसानों को ये उम्मीद भी नहीं कि सरकार से मुआवजा मिलेगा या नहीं। तीन दिनों के बाद अहमदपुर ग्रामीणों ने जुटाई हिम्मत आखिर, तीन दिन बीत जाने के बाद अहमदपुर के ग्रामीण ने हिम्मत जुटाई है और बांध को बांधने का काम शुरू कर दिया है। अभी उनके पास न मशीनरी है तो न ही मेनपावर है। सिर्फ बांध को सही करने का जज्बा है। यह हिम्मत पनिहारी के गांव वालों को देखने के बाद आई है। कारण है कि तीन दिनों तक घग्घर का पानी खेतों में खड़ी फसल को डूबोते हुए रिंग बांध के पास आ पहुंचा है। अब खेतों में 5 से 6 फुट जलभराव हो गया है। रात्रि को लाइट का प्रबंध नहीं तो बीच में छोड़ दिया ग्रामीणों ने खुद ही अपना हौसला मजबूत कर लिया है और पनिहारी के बाद अहमदपुर में भी टूटे बांध को बांधने में जुट गए हैं। बुधवार से ही 35 से 40 ग्रामीण अपने स्तर पर ही मिट्टी के कट्टे भरकर उस बांध को बांधने की हर कोशिश में जुटे हैं। रात्रि को वहां लाइट का कोई प्रबंध नहीं है। इस डर के कारण शाम को बांध बांधने का काम बीच में छोड़ दिया। कुछ हद तक बांध दिया गया है। अब वीरवार को फिर लगेंगे। बाढ़ ग्रस्त पर कौन क्या बोला प्रशासन को अवगत कराया, सीएम को पत्र लिखा-बांध मजबूत के लिए : सैलजा सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा बोली, मैंने सिरसा संसदीय क्षेत्र के लगभग दर्जनों गांवों का व्यक्तिगत रूप से दौरा कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की वस्तुस्थिति का जायजा लिया और इस संबंध में प्रशासन को अवगत कराया है। प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा प्रदान करने तथा बाढ़ पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत उपलब्ध कराने की मांग मैंने हरियाणा सरकार से की है। इसके अतिरिक्त, बाढ़ से पूर्व किए गए प्रबंधों के संबंध में भी मैंने मुख्यमंत्री हरियाणा को दो पत्र लिखकर नहरी नालों की नियमित सफाई तथा घग्गर नदी के तटबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया था। इसी संदर्भ में 3 जुलाई को सिरसा में आयोजित पिछली दिशा बैठक में भी जनता से प्राप्त शिकायतों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। वर्तमान स्थिति को लेकर मैं निरंतर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क में हूं और बाढ़ प्रभावित जनता को त्वरित राहत एवं दीर्घकालिक समाधान उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत हूं। सरकार से सहयोग नहीं मिला : केहरवाला कालांवाली विस सीट से कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला का कहना है कि हमने अपनी तरफ से ग्रामीणों व सरपंच को फाइनेंसली मदद की है। जरूरत पर तेल व लेबर मुहैया करवाई। हम तो चाहते हैं कि सरकार या प्रशासन ये पानी निकाले। जो बांध टूटे थे, वो ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बांधे है। इनको सरकार मजबूत करे। सरकार से सहयोग नहीं मिला। सरपंच व गांव वाले रोते रह गए, पर उनको तेल नहीं मिला। मैंने बाढ़ ग्रस्त एरिया में विशेष गिरदावरी करवाने के लिए सीएम को पत्र भी लिखा है। सरकार ने हर स्थिति को संभाला, तभी नुकसान कम हुआ : प्रधान सिरसा से भाजपा जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह ने बताया कि मैं खुद घग्घर नदी और ड्रेन दोनों जगह मौके पर गया था। पीछे से पानी का बहाव ही तेज है, जिससे दिक्कत आ रही है। प्रशासन व सरकार पूरी तरह अलर्ट है। ग्रामीणों को जेसीबी व मशीनरी जरूरत के अनुसार मुहैया करवाई हुई है। 31 साल बाद ऐसा हालात बने हैं। सरकार की पूरी तैयारियां है। सरकार ने हर स्थिति को सही से संभाला है। इसलिए हरियाणा में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। ऐसी कोई बात नहीं है। विपक्ष राजनीति कर रहा है। यह वक्त राजनीति का नहीं है। ग्रामीणों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही : डीसी जिला उपायुक्त शांतनू शर्मा ने बताया कि प्रशासन की ओर से पूरी तैयारियां है। ग्रामीणों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। काफी मात्रा में तेल दिया है और मशीनरी भी मुहैया करवाई हुई है। बांध से पानी तो निकल रहा है। वहां मशीनरी जा सकती है या नहीं। इसका पता करवाया जाएगा। सिरसा विधायक का नहीं आया जवाब वहीं, इस बारे में सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया से भी दो से तीन बार फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जानिएं जिले के गांवों में क्या हालात प्रशासन की लापरवाही से आई बाढ़ : अर्जुन चौटाला रानियां विधानसभा सीट से इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला का कहना है कि रानियां हलके के गांवों में जो बाढ़ आई है या जो हालात बने हैं। यह प्रशासन की लापरवाही है। वह हलकावासियों की हर सेवा के लिए तत्पर है। हर सुख-दुख में इनेलो उनके साथ खड़ी है। उनकी हर संभव मदद अवश्य करेंगे।
सिरसा बाढ़ हालात पर सरकार-प्रशासन, MP-MLA नहीं ले रहे जिम्मेदारी:टूटे बांध बंध गए तो रूक जाती तबाही, किसान डूबी फसलें देख रोएं
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