सोनम वांगचुक के स्कूल पर लगेगा ताला, भूमि आवंटन रद्द होने पर बोले- ‘सरकार बना रही निशाना’

by Carbonmedia
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लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (LAHDC), लेह ने हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव लर्निंग (HIAL) को फ्यांग गांव में दी गई 1076 कनाल से ज़्यादा जमीन का आवंटन रद्द कर दिया है. यह संस्थान, प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्थापित एक पहल है.
सोनम वांगचुक ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के लिए राजनीतिक लड़ाई में वांगचुक की सक्रिय भागीदारी के कारण जमीन के मुद्दे का इस्तेमाल उन्हें निशाना बनाने के लिए कर रही है.
सोनम वांगचुक और डॉ. गीतांजलि जे. अंगमो ने किया खंडन
LAHDC लेह के उपायुक्त और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोमिल सिंह की ओर से जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, संस्थान की ओर से आवंटित उद्देश्य के लिए जमीन का उपयोग न करने के बाद जमीन राज्य को वापस कर दी गई है.
HIAL के संस्थापक सोनम वांगचुक और डॉ. गीतांजलि जे. अंगमो ने हालांकि, इन आरोपों का खंडन किया कि सरकार जमीन रद्द करने के बारे में लोगों को गुमराह कर रही है और कहा कि यह विश्वविद्यालय एक नियमित नहीं, बल्कि एक वैकल्पिक विश्वविद्यालय था.
छठीं अनुसूची के लिए लड़ाई जारी रखेंगे सोनम वांगचुक
एचआईएएल की सह-संस्थापक डॉ. गीतांजलि जे. अंगमो ने कहा, ‘हमने यूजीसी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की, जिन्होंने हमें बताया कि जब तक सोनम वांगचुक छठीं अनुसूची के लिए लड़ाई जारी रखेंगे, तब तक आवंटन स्थगित रहेगा.’
हालांकि, सरकारी आदेश में कहा गया है कि यह जमीन मूल रूप से मई 2018 में एक विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए स्वीकृत की गई थी. हालांकि, यह सात सालों से अधिक समय तक अप्रयुक्त रही और अधिकारियों ने इस प्रक्रिया में कई उल्लंघन दर्ज किए.
जल्द से जल्द अद्यतन करने का निर्देश 
आदेश में कहा गया है कि उस स्थान पर कोई विश्वविद्यालय स्थापित नहीं किया गया था, कोई औपचारिक पट्टा विलेख निष्पादित नहीं किया गया था और संस्थान ने 5 मई, 2019 को आवंटन अवधि समाप्त होने के बाद भी आवश्यकताओं का पालन नहीं किया. इन उल्लंघनों का हवाला देते हुए, उपायुक्त ने एलएएचडीसी अधिकारियों और तहसीलदार लेह को जमीन से सभी प्रकार के अतिक्रमण हटाने और राजस्व रिकॉर्ड को जल्द से जल्द अद्यतन करने का निर्देश दिया.
सोनम वांगचुक ने की नोटिस की कड़ी निंदा
इस कदम को हिमालयन इंस्टीट्यूट के लिए एक झटके के रूप में देखा जा रहा है, जिसने लद्दाख में वैकल्पिक शिक्षा मॉडल को बढ़ावा देने के लिए पहचान बनाई थी, जो वांगचुक के सतत शिक्षा और पर्यावरण-अनुकूल नवाचार के क्षेत्र में किए गए कार्यों से प्रेरित था. हालांकि, यह एक बड़ी राजनीतिक लड़ाई में भी बदल सकता है.
लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए), जो लद्दाख में राज्य का दर्जा और अन्य मांगों के लिए राजनीतिक संघर्ष का नेतृत्व कर रहे हैं, ने सोनम वांगचुक भूमि आवंटन मामले में प्रशासन की ओर से दिए गए नोटिस की कड़ी निंदा की है और इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है.
गठबंधन नेताओं ने कही ये बात
गठबंधन के नेताओं ने कहा, ‘ऐसे कठोर कदमों से हमारी आवाज को दबाया नहीं जा सकता है और हम लद्दाख को एक करने के ऐसे किसी भी प्रयास के खिलाफ लड़ेंगे.’ कारगिल स्थित कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने भी ‘एक्स’ का सहारा लिया.
सज्जाद कारगिली ने लिखा, ‘सोनम वांगचुक की HIAL के लिए भूमि आवंटन रद्द करने की कड़ी निंदा करता हूं. यह लद्दाख की असहमति की आवाजों को दबाने के उद्देश्य से किया गया एक निंदनीय राजनीतिक प्रतिशोध है. #कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस @Wangchuk66 और लेह एपेक्स बॉडी के साथ एकजुटता में खड़ा है. आधिकारिक बयान जारी करने के लिए जल्द ही एक बैठक आयोजित की जाएगी.’
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