सोनीपत में जलभराव को लेकर मिनी सचिवालय पर प्रोटेस्ट:फसलें नष्ट और शिक्षा बाधित; घरों में घुटनों तक पानी, सीएम के नाम ज्ञापन

by Carbonmedia
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सोनीपत जिले में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति से सिर्फ यमुना नदी के किनारे बसे गांव ही नहीं, बल्कि कई अन्य गांवों के लोग भी जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। इसी समस्या से परेशान होकर शुक्रवार को भटगांव के सैकड़ों ग्रामीण मिनी सचिवालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक महीने से उनके घरों और खेतों में पानी भरा हुआ है, जिससे उनकी फसलें बर्बाद हो गई हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों ने डीसी सोनीपत को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें उन्होंने जल्द से जल्द पानी निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की।
​घरों और खेतों में घुसा पानी, फसलें हुईं नष्ट
​भटगांव के ग्रामीणों के अनुसार, अगस्त महीने में हुई बारिश के बाद से ही गांव की गलियों और घरों में घुटनों तक पानी जमा है। इस समस्या की शिकायत कई बार प्रशासन से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सितंबर में हुई बारिश ने स्थिति को और भी खराब कर दिया, जिससे खेतों में भी पानी भर गया। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण उनकी बाजरा और कपास की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं, जिससे उन्हें लाखों का नुकसान हुआ है। ग्रामीण दीपक का कहना है कि अगर पानी की निकासी नहीं हुई तो रबी सीजन की फसलों की बुवाई में भी दिक्कत आएगी। शिक्षा और हेल्थ पर भी असर
​जलभराव के कारण गांव के बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। कई छोटे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, क्योंकि उन्हें पानी भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं, गांव की महिला मंजू बाला ने बताया कि पानी में सांप तैरते रहते हैं, जिससे पशुओं को चारा खिलाने या दूध निकालने जाते समय जान का खतरा बना रहता है।
​ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाए आरोप
​ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर भी पानी निकालने की कोशिश की थी। पानी को नहर में डालकर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन भटगांव माल्याण और खेड़ी गांव में पानी की अधिकता के कारण नहर के रास्ते को बंद कर दिया गया। इसके बाद माल्याण ड्रेन के रास्ते खांडा ड्रेन में पानी डालने की कोशिश की गई, लेकिन नहर विभाग के अधिकारियों ने इसमें रुकावट डाल दी। ग्रामीणों ने मांग की है कि भटगांव माल्याण और डूंगरान से पानी की निकासी के लिए नहर के नीचे से रास्ता बनाया जाए और तुरंत खांडा ड्रेन में पानी निकालने का प्रबंध किया जाए। साथ ही, उन्होंने बस्ती और पश्चिमी क्षेत्र से पानी निकालने के लिए 15 एचपी के चार बड़े पंप सेट उपलब्ध कराने की भी मांग की।
​ऑल इंडिया खेत मजदूर संगठन ने किया समर्थन
​भटगांव के ग्रामीणों के प्रदर्शन का समर्थन करने के लिए ऑल इंडिया खेत मजदूर संगठन भी सामने आया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा देना चाहिए।
​डीसी सोनीपत का बयान
​वहीं, इस मामले पर डीसी सुशील सारवान ने कहा कि बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में जलभराव है, वहां से पानी निकालने के लिए काम शुरू हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया जाएगा ताकि प्रभावित लोग मुआवजा के लिए आवेदन कर सकें।

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