हिमाचल में अभी बाकी है कुदर का कहर? 15 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी

by Carbonmedia
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हिमाचल प्रदेश में मानसून की तबाही रुकने का नाम नहीं ले रही है. लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं. बांधों का जलस्तर बढ़ रहा है. कई बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके चलते निचले इलाकों में खतरा बना हुआ है. भारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है. राज्य भर में भूस्खलन से एक नेशनल हाईवे व 399 सड़कें बंद हैं.
राज्य में बारिश से अभी राहत मिलने के आसार नहीं हैं. मौसम विभाग ने आगामी 15 अगस्त तक कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है. विभाग से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, आज 9 व कल 10 अगस्त को राज्य के कुछ स्थानों पर आसमानी बिजली व गरज के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.
11 से 14 अगस्त तक राज्य के कुछ स्थानों ऑरेंज अलर्ट जारी
इसके बाद 11 अगस्त से मॉनसून और तेज होगा. 11 से 14 अगस्त तक राज्य के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इस अवधि में लोगों को एहतियात बरतने व अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है. 15 अगस्त को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक बिलासपुर जिला के नैना देवी में सर्वाधिक 112 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. वहीं मंडी जिला के पंडोह में 102 मिलीमीटर, रायपुर मैदान में 74, आरएल बीबीएमबी में 67, पच्छाद में 67 और नारकंडा में 66 मिमी बारिश दर्ज की गई है.
शिमला जिले में 67 फीसदी ज्यादा बारिश हुई
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने बताया कि राज्य में बीते एक जून से अब तक सामान्य से 13 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. इसमें शिमला जिले में सबसे ज्यादा 67 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है.
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, भूस्खलन से शनिवार सुबह तक एक नेशनल हाईवे व 399 सड़कें बंद हैं. इसके अलावा 704 बिजली ट्रांसफार्मर व 178 पेयजल परियोजनाएं भी ठप पड़ी हैं. कुल्लू जिला में नेशनल हाईवे 305 जहेड खनग के पास अवरुद्ध है. मंडी जिला में सबसे ज्यादा 240 सड़कें बंद हैं.
सबसे अधिक 42 मौतें मंडी जिले में दर्ज की गई हैं
कुल्लू जिले में 99 सड़कें बंद हैं. कुल्लू जिला में 382 बिजली ट्रांसफार्मर व मंडी जिला में 300 पेयजल स्कीमें ठप हैं. वहीं मंडी जिला में 105 पेयजल स्कीमें व कांगड़ा जिला में 73 पेयजल स्कीमें बंद हैं. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, मॉनसून शुरू होने के बाद से 20 जून तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 208 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 37 लोग लापता और 313 घायल हुए हैं.
सबसे अधिक 42 मौतें मंडी जिले में दर्ज की गई हैं. अब तक 1977 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें 493 पूरी तरह ढह गए हैं. इसके अलावा 300 दुकानें और 1870 गौशालाएं भी नष्ट हो चुकी हैं. अकेले मंडी में 1156 घर और 268 दुकानें ध्वस्त हुई हैं.
प्रदेश को अब तक लगभग 1988 करोड़ रुपये का नुकसान
रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश को अब तक लगभग 1988 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. इसमें लोक निर्माण विभाग को 1055 करोड़ और जलशक्ति विभाग को 681 करोड़ रुपये की क्षति हुई है. मॉनसून सीजन में अब तक 58 बार फ्लैश फ्लड, 30 बार बादल फटने और 51 बार भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गई हैं.

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