हरियाणा के हिसार में बारिश ने विकराल रूप दिखाया है। यहां बारिश से गांवों में घुटनों से लेकर कमर तक पानी खड़ा हो गया है। वहीं लाखों एकड़ फसलें भी तबाह हो गई हैं। ऐसे में सरकार ने भी 276 गांवों के किसान के लिए ई-क्षति पोर्टल खोल दिया है। पहले यह सिर्फ 81 गांवों के लिए था। लगातार एक सप्ताह से रु-रुक कर जारी बारिश से सभी बरसाती नाले फुल हो गए हैं जो गांवों में तबाही मचा रहे हैं। गुराना गांव में सिंघवा माइनर टूटने से अब भी पानी खानपुर की ओर बह रहा है, जबकि गंगवा गांव में 48 घंटे बाद भी ड्रेन नहीं बांधा जा सका है। तेज बहाव के कारण राहत बचाव कार्यों में दिक्कत आ रही हैं। हांसी सिविल अस्पताल की स्थिति गंभीर है, जहां पानी की वजह से मृतकों के शवों को शवगृह तक ले जाना भी मुश्किल हो गया है और स्वास्थ्य कर्मियों को शवों को पानी से होकर शवगृह तक ले जाना पड़ रहा है, जिससे अस्पताल की हालत बेहद शर्मनाक नजर आ रही है। बारिश से सड़कों को सबसे ज्यादा नुकसान बारिश के कारण पीडब्ल्यूडी की सड़कों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। जगह-जगह गांवों में पानी निकासी के लिए जेसीबी से सड़कें उखाड़ दी गई है। धिकताना गांव में जलघर के पास पीडब्ल्यूडी विभाग की सड़क 10 फीट तक धंस गई है। इसके जेवरा गांव, सुलखनी, सरसौद, बिचपड़ी, गुराना सहित कई गांवों में सड़कें तोड़कर पानी निकाला जा रहा है। इसके अलावा राजली, सरसौंद, बिचपड़ी, लितानी, गुराना, आर्यनगर, चैनत, मिर्जापुर और पातन-टोकस सहित कई गांवों में घुटनों तक पानी खड़ा है।
हिसार में बारिश से 276 गांव में फसलें तबाह:3 नेशनल हाईवे क्षतिग्रस्त, पीडब्ल्यूडी की सड़कें बहीं, मकानों में आई दरारें
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