सूबे के बठिंडा जिले में 3 दिन पहले ही मानसून विदाई ले चुका है। अब सोमवार को यह मालवा के जिलों से भी एक साथ लौट गया। इसकी आधिकारिक घोषणा सोमवार को कर दी है। वहीं, सूबे के माझा और दोआबा के जिलांे से भी मंगलवार तक विदायगी संभव है। इस बार मानसून सीजन में बारिश अच्छी देखने को मिली है और 35 सालों का रिकार्ड तोड़कर 621.7 एमएम बारिश रिकार्ड हुई। यह सामान्य से 48 फीसदी सरप्लस है। 1990 से लेकर 2025 तक के रिकॉर्ड के अनुसार ऐसा 11वीं बार देखने को मिला है कि बारिश सरप्लस है। वहीं, 2019 से लेकर 2024 तक लगातार सूबे में बारिश सामान्य से कम हुई है। इस बार 6 साल बाद सामान्य से अधिक बारिश देखने को मिली है। आईएमडी ने बताया है कि आगामी 24 घंटों तक मानसून सूबे से पूरी तरह से विदाई ले लेगा। अब मौसम लगातार ड्राई रहने लगा है और आगामी 30 सितंबर तक इसी तरह मौसम बना रहेगा। सोमवार को दिन का तापमान लुधियाना में सबसे अधिक 36.8 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि अन्य जिलों में 32 से 36 डिग्री तक रहा। न्यूनतम पारा भी जिले में 23 से 26 डिग्री तक दर्ज हुआ। पिछले साल की बात करें तो सूबे के कुल 22 जिलों में से 4 जिलों में सामान्य बारिश हुई थी। सूबे में 28 फीसदी कम बारिश हुई थी, यानी पूरे सीजन में 314.6 एमएम ही बारिश हो पाई थी। लेकिन इस बार 22 में से 20 जिलों में बारिश सरप्लस है। इससे कुछ जिलों में अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर तक की बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। सबसे ज्यादा किस जिले में बारिश जिला बारिश सरप्लस एमएम फीसदी तरनतारन 660.8 159 गुरदासपुर 1121 96 बरनाला 640 86 मोगा 517 80 फिरोजपुर 396 63
6 साल से लगातार सामान्य से कम बरस रहे थे बादल, इस बार 48% ज्यादा बारिश… 35 साल में 11वीं बार सरप्लस
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