दिल्ली: बीमा लोन के नाम पर लाखों की ठगी, दिल्ली पुलिस ने दो शातिरों को दबोचा

by Carbonmedia
()

दिल्ली की साइबर क्राइम टीम ने ऑनलाइन ठगी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ये दोनों आरोपी नामी फाइनेंस और बीमा कंपनियों के नाम पर लोगों को आकर्षक शर्तों पर लोन का लालच देते थे और फिर बीमा पॉलिसी व अन्य शुल्क के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लेते थे. पुलिस ने आरोपियों की पहचान रवि और प्रीतम सिंह के रूप में की है.
दिल्ली पुलिस के अनुसार यह मामला तब सामने आया जब जौहरपुर निवासी वसीम, जो गाजियाबाद में डेयरी का कारोबार करते हैं, ठगी का शिकार बने. 25 फरवरी को उन्हें एक कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को एक प्रसिद्ध फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताया और बेहद आसान शर्तों पर लोन का प्रस्ताव दिया. वसीम ने हामी भर दी. इसके बाद ठगों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि लोन मंजूरी के लिए बीमा पॉलिसी लेना जरूरी है.
ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हुए वसीम
पीड़ित को विश्वास दिलाने के लिए आरोपियों ने नकली बीमा पॉलिसियां भी भेजीं. धीरे-धीरे प्रोसेसिंग फीस, बैंक चार्ज और पॉलिसी शुल्क के नाम पर उनसे करीब 2 लाख 15 हजार रुपये वसूल लिए गए, लेकिन जब लोन की रकम उनके खाते में नहीं आई और कॉल करने वालों के फोन बंद हो गए. तब वसीम को अहसास हुआ कि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं.
खुफिया इनपुट से मिली सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई. इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. तलाशी के दौरान उनके पास से अपराध में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए.
कैसे करते थे ठगी
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने बताया कि वे पहले एक नामी बीमा कंपनी के कॉल सेंटर में काम कर चुके हैं. वहीं से उन्हें बीमा और लोन की प्रक्रिया की बारीक जानकारी मिली. इसी जानकारी का इस्तेमाल कर उन्होंने ठगी का नेटवर्क खड़ा किया. वे लोगों को पहले भरोसा दिलाते और फिर अलग-अलग शुल्क के नाम पर पैसे ऐंठ लेते थे. वसूली गई रकम को दोनों आपस में बांट लेते थे.
पुलिस की जांच जारी
दिल्ली पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या इन दोनों के तार किसी बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह से जुड़े हैं और अब तक कितने लोगों को ठगा जा चुका है. अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ एक अकेला मामला नहीं बल्कि व्यापक स्तर पर फैला साइबर फ्रॉड नेटवर्क हो सकता है. पुलिस आरोपियों के मोबाइल डेटा और बैंक लेनदेन खंगाल रही है.
इस गिरफ्तारी को साइबर ठगी के खिलाफ दिल्ली पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है. पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लोन या बीमा संबंधी कॉल पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस को दें.

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating / 5. Vote count:

No votes so far! Be the first to rate this post.

Related Articles

Leave a Comment