दादरी में रिहायशी इलाकों में जलभराव से परेशानी:घरों में आई दरारें कहा-दबने का खतरा, लगातार बढ़ रहा खतरा

by Carbonmedia
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चरखी दादरी जिले में भले ही बीते दिन दिनों के दौरान तेज बारिश ना हुई हो लेकिन बरसात से बने हालात अभी भी विकट बने हुए हैं। करीब एक सप्ताह से लोगों के मकानों के चारों ओर जलभराव होने के कारण मकानों में दरारें आ गई हैं और मकान गिरने का खतरा बना हुआ है। लोगों ने प्रशासन व विभाग पर अनदेखी के आरोप लगाए हैं। मकान गिरने का बना खतरा बता दे कि चरखी दादरी में बीते दिनों हुई बारिश के बाद से कीकरवासनी मंदिर, गामड़ी, पुराना हनुमान मंदिर आदि एरिया में जलभराव के कारण लोगों के समक्ष मुसीबत खड़ी हो गई है। घरों के चारों ओर पानी भरा होने के कारण एक ओर लोगों को घरों से निकलता मुश्किल हो गया है वहीं दूसरी ओर मकानों में दरारें आने के कारण उनमें मकान गिरने का खतरा बना हुआ है वहीं बीमारियां फैलने का भी खतरा है।
एक सप्ताह से भरा पानी
शहरवासी रवींद्र फोगाट, संतोष आदि ने कहा कि उनके घरों के चारों ओर एक सप्ताह से कई फीट पानी जमा है। जिससे लोगों के समक्ष मुसीबत खड़ी है। स्थानीय लोगों ने कहा कि लगातार पानी जमा रहने से उनके मकानों में दरारें आ चुकी है और किसी भी समय मकान गिर सकते हैं। वहीं लगातार जलभराव से बीमारियां भी फैल रही हैं। अनदेखी के आरोप
स्थानीय लोगों ने कहा कि एक सप्ताह से वे पूरी तरह से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन विधायक, प्रशासन या विभाग की ओर से कोई संज्ञान नहीं लिया गया है जिससे पानी कम होने की बजाए बढ़ता जा रहा है।
533 एमएम हुई बारिश
दादरी जिले में इस मानसून सीजन अच्छी खासी बरसात हुई। जिले में अब तक 533.3 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। जिससे शहर में रिहायशी इलाकों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रो में समस्या बनी हुई है और खरीफ सीजन की फसलें पूरी तरह से प्रभावित होने से नुकसान हुआ है। कांग्रेसी नेत्री ने की मुआवजे की मांग
कांग्रेस वरिष्ठ नेत्री डॉ. मनीषा सांगवान ने बारिश से बर्बाद फसलों के लिए प्रति एकड़ 50 हजार रुपए मुआवजे की मांग की है। उन्होंने कहा कि दादरी विधानसभा के गांवों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। किसानों की तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। भागेश्वरी व सांजरवास माइनर टूटने से हजारों एकड़ में कई फीट तक पानी जमा हो गया है। सरकार तुरंत प्रभाव से खराब हुई फसलों और बारिश से मकान और दुकानों के हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा प्रदान करे। मनीषा सांगवान ने कहा कि गांव इमलोटा, नीमली, सरूपगढ़, सांतौर, भागवी, मोरवाला, कन्हैटी सहित दर्जनों ऐसे गांव हैं, जहां खेतों में कई फीट पानी खड़ा है। किसानों की धान, कपास, बाजरा व ज्वार इत्यादि फसल खराब हो गई हैं। उन्होंने कहा कि जिन मकानों व दुकानों में भी भारी बारिश से नुकसान हुआ है, उनकी भी भरपाई सरकार को करनी चाहिए।

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