शुभेंदु शुक्ला | अमृतसर प्रशासन 15 जून से ऑनलाइन रजिस्ट्री शुरू करने की तैयारियों में तो जुट गया है, लेकिन स्टॉफ हायरिंग की प्रक्रिया डिले हो रही है। शहर में 3 सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों के लिए कितने डीड-राइटर-एडवोकेट व रिटायर्ड पटवारी-कानूनगो आउटसोर्स पर हायर किए जाएंगे क्राइटेरिया निर्धारित नहीं किया जा सका है, जबकि रेवेन्यू विभाग की तरफ से 31 मई तक स्टॉफ हायरिंग की डेडलाइन दी गई थी। 5 जून को इनकी स्पेशल ट्रेनिंग करवाई जानी है। कहां अप्लाई करेंगे, एक्सपीरियंस कितना होना चाहिए, उम्र की बाउंडेशन कोई रखी जानी है या नहीं, कंपनी से जुड़ने के बाद डीड लिखेंगे तो क्या खुद की लाइसेंसी दूसरी दुकानें कचहरी में चला पाएंगे, कोई लिखित टेस्ट कराया जाएगा या इंटरव्यू होगा इस बारे में कोई नोटिफिकेशन प्रशासन या हायर करने वाली एजेंसी की ओर से जारी नहीं किया जा सका है। जिस तरह से सुस्त प्रक्रिया चल रही है, आने वाले जुलाई तक भी स्टॉफ हायरिंग कर पाना मुश्किल हो जाएगा। बता दें कि बीते 19 को डीसी साक्षी साहनी ने तहसील कॉम्प्लेक्स का दौरा कर समय रहते सारी तैयारियां पूरी कर लिए जाने के निर्देश डीआरओ कम नोडल अफसर नवकीरत सिंह रंधावा को दिया था। एडवोकेट व डीडराइटरों संग मीटिंग कर उनसे सुझाव लेने को भी कहा। लेकिन 12 दिन बीतने के बाद भी प्रक्रिया भगवान भरोसे ही नजर आ रहा है। स्टॉफ हायरिंग प्रक्रिया बारे डीआरओ को फोन व मैसेज के जरिए पूछा गया लेकिन चुप रहना जरूरी समझा। हैरान करने वाली बात है कि पब्लिक इंटरेस्ट से जुड़ी बातें भी सार्वजनिक नहीं की जा रही जिससे डीड राइटर व एडवोकेट में संशय की स्थिति बनी हुई है।आउटसोर्स पर ज्वाइनिंग कराना एक लंबी प्रक्रिया के तहत पूरी होती है। जिसमें समय लगता है। अब तक यह काम पूरा कर लिया जाना था। बता दें कि कितने बंदों को हायर करना है, इसका बाकायदा पब्लिक नोटिस जारी करना होता है। आवेदन भरने के लिए एक डेडलाइन दी जाती है। इसके बाद टेस्ट या इंटरव्यू बुलाया जाता है। जिसके लिए एक्जामिनर रखने होंगे। किस दिन सेलेक्शन किया जाएगा वह डेट निर्धारित की जाती है फिर रिजल्ट जारी होता है। बता दें कि कई डीड राइटर कचहरी में ऐसे भी बैठते हैं जिनके पास लाइसेंस ही नहीं। डीड लिखने से लेकर अप्वाइंटमेंट उठाने तक नहीं आता है। कुछ के खिलाफ विजिलेंस में केस चल रहा है। इनके डॉक्यूमेंट भी चेक करने होंगे। 80 से ज्यादा रजिस्ट्रियां लिखने को आएं तो 1 वकील, 1-1 पटवारी-कानूनगो व 4 डीड राइटर रखे जाएंगे। .80 से कम व 50 से ज्यादा डॉक्यूमेंट हैं तो 1 वकील 1-1 पटवारी-कानूनगो व 3 डीड राइटर रखे जाएंगे। .50 से कम और 15 डॉक्यूमेंट हैं, तो 1 वकील, 1-1 पटवारी-कानूनगो व 2 डीड राइटर रखे जाएंगे। .15 से कम इनकों 1 वकील और डीडराइटर 1 रखे जाएंगे। पटवारी-कानूनगो नहीं रखेंगे। .एडवोकेट को हायर करने पर प्रति माह 40 हजार रुपए, रिटायर्ड कानूनगो-पटवारी को 35 हजार और डीड राइटर को डीसी रेट पर प्रति माह 18 हजार रुपए वेतन दिया जाएगा। “हायरिंग के लिए जो क्राइटेरिया बनाई गई, वह समझ से परे है। रिटायर्ड-पटवारी कानून डॉक्यूमेंट चेक करने के लिए रखे जाएंगे। उन्हें पेंशन पहले से मिल रही और 35 हजार रुपए सैलरी है। बेरोजगार युवा नौकरी की तलाश में भटक रहे। क्या एक दो पटवारी सरकारी नहीं रख सकते जिससे रोजगार मिल जाए। डीड राइटर का काम डीड लिखने के अलावा डॉक्यूमेंट चेक करना दोनों ही है। लेकिन 18 हजार रुपए सैलरी दी जा रही है।-” महिंदरपाल गुप्ता, सीनियर एडवोकेट ^”आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से हायरिंग की जाएगी। 3-3 हायरिंग की जएगी। हालांकि यह डीड की संख्या पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में वकील की जरूरत नहीं होगी। नियुक्ति प्रक्रिया भी प्रारंभिक तिथि को ध्यान में रखते हुए तदनुसार की जाएगी। 15 जून से ऑनलाइन रजिस्ट्री का काम शुरू होगा ।-” साक्षी साहनी, डीसी ^”डीड राइटर-एडवोकेट और रिटायर्ड पटवारी-कानूनगो डीड लिखने के लिए हायर किए जाएंगे। यह मीडिया में ही देखने को मिला है। आउटसोर्स पर रखने का क्या क्राइटेरिया होगा कैसे ज्वाइनिंग कराई जाएगी। इस बारे प्रशासन व रेवेन्यू विभाग से अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई, ना ही कोई जारी नोटिफिकेशन उनके पास आया है। अंदरखाते क्या चल रहा यह तो अफसरों को ही पता होगा। अफसरों को चाहिए कि यह सारी चीजें क्लियर करें।-” नरेश शर्मा, डीड राइटर एसोसिएशन, प्रधान
3 सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों के लिए कितने डीड-राइटर-एडवोकेट हायर किए जाएंगे क्राइटेरिया निर्धारित नहीं कर सका प्रशासन
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