प्रदेशभर के 515 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने एक और मौका दे दिया है। अब इन स्कूलों की पहले फिजिकल वेरिफिकेशन की जाएगी। इसके लिए 8 जून तक का समय निर्धारित किया है। ऐसे में इन स्कूलों के पास एक और मौका है। इसको लेकर जिला स्तर पर डीईओ व डीईईओ को आदेश दिए हैं। खासकर प्राइमरी व मिडिल स्कूल ज्यादा है तो डीईईओ की ड्यूटियां लगाई है। वह स्कूलों में जाकर वेरफिकेशन करेंगे कि स्कूल विभाग द्वारा निर्धारित शर्तों को पूरा कर रहे हैं या नहीं। अगर शिक्षा विभाग की ओर से तय शर्तों को पूरा किया जाता है तो मान्यता मिल सकती है। चाहे वह स्कूल भवन या बिल्डिंग को लेकर हो या ग्राउंड या अन्य अग्निशमन यंत्र जैसी आदि। वरना मुश्किलें हो सकती है। हालांकि, कुछ जिलों में गैर मान्यता वाले स्कूल बंद कर दिए हैं। ऐसे में बाकी जिलों में भी एक्शन जारी है। अंबाला में ऐसे दो निजी स्कूल थे, जिनके पास मान्यता नहीं थी, उनको बंद कर दिया है। कारण है कि शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए थे। इसके चलते प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन से भी बात की जाएगी, क्योंकि इससे उनमें रोष का माहौल बना हुआ है। बकायदा सभी स्कूलों के नाम दिए हुए हैं। ऐसे में इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और अभिभावकों में खलबली मची है। कारण है कि इन स्कूल के पास मान्यता नहीं है और स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) भी अवैध होंगे।
हरियाणा बोर्ड की ओर से इन गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची जारी की गई है, जिसमें प्ले स्कूल, प्राइमरी, हाई और अकेडमी सेंटर और 12वीं तक के स्कूल इसके दायरे में आते हैं। यह सूची वायरल होते ही प्राइवेट स्कूलों में अफरा-तफरी का माहौल है। सभी स्कूल मुखिया सूची से नाम हटवाने को जद्दोजहदकर रहे हैं। प्राइवेट स्कूल संघ विभाग से मिलेगा प्राइवेट स्कूल संघ का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिलेगा। ऐसे में प्रतिनिधिमंडल ने विभाग से मांग की है कि यह फैसला वापस लिया जाए। वहीं प्राइवेट स्कूल संघ एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने बताया कि विभाग ने 8 जून तक वेरिफिकेशन करवाने का समय दिया है। इसके बाद फाइनल हो पाएगा। इन जिलों में ऐसे हालात
शिक्षा विभाग की ओर से जारी सूची में प्रदेश के रेवाड़ी, महेंद्रगढ और पलवल में सबसे अधिक गैर मान्यता प्राप्त है। साथ ही कैथल, करनाल, फतेहाबाद और यमुनानगर में भी केस है। खास बात है कि हिसार और सिरसा के स्कूलों का नाम इस लिस्ट में नाम नहीं है। वैसे हिसार एजुकेशन का हब है और निजी स्कूलों की संख्या भी अधिक है। इसके बावजूद निजी स्कूलों का नाम लिस्ट में न होना चिंताजनक विषय है। वहीं बोर्ड से भी इस सूची के बारे में संपर्क साधा गया, पर कोई जवाब नहीं मिला। अंबाला में दो स्कूल थे, जो बंद किए अंबाला जिले से डीईओ सुरेश कुमार ने बताया कि हमारे यहां अंबाला में दो स्कूल ही ऐसे थे, जिनके पास मान्यता नहीं थी। उन स्कूलों को बंद करवा दिया है।
गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को एक और मौका:सूची वायरल के बाद बंद की कार्रवाई शुरू, नहीं मिली अनुमति, एसएलसी भी होंगे अवैध
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