दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने सत्ताइस लाख ऑनलाइन स्टॉक मार्केटिंग ठगी के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है. यह गैंग सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फर्जी इन्वेस्टमेंट योजनाओं में फंसा कर उनकी गाढ़ी कमाई हड़प रहा था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक आरोपी का नाम ऋषि रणधीर सिंह है जो पुणे के इंदिरा नगर का रहने वाला है. पुलिस ने उसे दिल्ली के करोल बाग इलाके से गिरफ्तार किया है.
दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वाले पीड़ित वरिष्ठ नागरिक हैं. उन्होंने पुलिस को बताया कि फेसबुक पर उन्हें शेयर बाजार में निवेश और आईपीओ फंडिंग का ऑफर मिला.शुरुआत में आकर्षक फायदा दिखाकर उनका भरोसा जीता गया. इसके बाद उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया जहां रोज स्टॉक टिप्स और निवेश से जुड़ी बातें भेजी जाती थी.
पीड़ित ने कहा कि वह पीड़ित से कहा गया कि वह UPINSTITON नाम का ऐप डाउनलोड करें जो दिखने में असली ट्रेडिंग ऐप जैसा था. लेकिन दरअसल यह ठगी के लिए बनाया गया नकली ऐप था.
पीड़ित ने गंवा दिए सत्ताईस लाख
धीरे-धीरे ठगी के गैंग द्वारा पीड़ित को लाखों रुपये निवेश करने के लिए राजी कर लिया गया. रकम IMPS, NEFT और UPI के माध्यम से अलग-अलग निजी खातों में जमा कराई गई. जब पीड़ित ने अपना निवेश और मुनाफा निकालना चाहा तो ठगों ने बहाने बनाकर टालना शुरू किया.
बाद में आरोपी उसे धमकाने और डराने लगे कि यदि वह और पैसा नहीं लगाएगा तो उसकी रकम जब्त हो जाएगी. डर और दबाव में पीड़ित ने सत्ताईस लाख तक गंवा दिए.
पुलिस को जांच में मिला अहम सबूत
दिल्ली पुलिस की जांच के दौरान उनकी नजर एक ऐसे बैंक अकाउंट पर गई जिसमें केवल पीड़ित के आठ ही लाख जमा हुए थे यह अकाउंट ऋषि रणधीर सिंह के नाम पर था दिल्ली पुलिस के द्वारा लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के बाद आरोपी की लोकेशन करो बाद में मिली और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
पूछताछ में आरोपी ने किया अहम खुलासा
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल द्वारा गिरफ्तार आरोपी ऋषि रणधीर सिंह ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह इलेक्ट्रीशियन है. नौकरी की तलाश में भटकते समय उसकी मुलाकात दो व्यक्तियों से हुई. उन्होंने उसे ऑफर दिया कि अगर वह अपने नाम पर करंट अकाउंट खोलकर उन्हें बैंकिंग डिटेल सौप दे, तो उसे हर महीने तीस हजार मिलेंगे.
लालच में आकर ऋषि ने अकाउंट खुलवा कर अपने सारे बैंक दस्तावेज और डेबिट कार्ड उन्हें दे दिए. उन्ही खातों का इस्तेमाल साइबर ठगों ने लाखों रुपये इकट्ठा करने के लिए किया.
दिल्ली पुलिस की जांच जारी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि ऋषि भले ही फ्रंटमैन हो लेकिन असली मास्टरमाइंड अभी भी फरार है. पुलिस अब उन दोनों से आरोपियों और बाकी नेटवर्क की तलाश कर रही है.
Delhi News: दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा 27 लाख की ऑनलाइन ठगी का मास्टरमाइंड, ऐसे फंसाता था लोगों को
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