देश में इस समय वोट चोरी का मामला गरमा गया है. विपक्ष की ओर से लगातार सत्तारूढ़ बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगाया जा रहा है. अब इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ आम आदमी पार्टी (AAP) भी खुलकर आती दिख रही है. 2014 में बनी AAP ने भी इस मुद्दे पर राहुल गांधी का समर्थन करते हुए आज एक बड़ा दावा कर दिया है.
सौरभ भारद्वाज का बड़ा दावा
AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर बड़ा खुलासा करने का दावा किया है. उन्होंने पोस्ट किया कि आज दोपहर 1 बजे वे वोट चोरी से जुड़ा एक बड़ा खुलासा करेंगे. भारद्वाज ने लिखा, “आज देश में चल रही वोट चोरी पर एक बड़ा खुलासा करेंगे, आज 1:00 बजे दोपहर, उससे तीन बातें साबित होंगी…
1. दिल्ली में सुनियोजित तरीके के वोट चोरी की जा रही थी 2. पूरे प्रकरण में तब के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की भूमिका संदिग्ध है 3. आज के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता की भूमिका भी संदिग्ध है.”
आज देश में चल रही वोट चोरी पर एक बड़ा खुलासा करेंगे आज 1:00 बजे दोपहर उससे तीन बातें साबित होंगी 1. दिल्ली में सुनियोजित तरीके के वोट चोरी की जा रही थी 2. पूरे प्रकरण में तब के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की भूमिका संदिग्ध है 3. आज के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार…
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) September 19, 2025
राहुल गांधी के आरोपों को दिया समर्थन
सौरभ भारद्वाज ने बीते दिन (18 सितंबर) ही राहुल गांधी के आरोपों का समर्थन किया था. एएनआई को दिए बयान में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जिस मुद्दे को उठाया है वह बेहद गंभीर है, और इस पर चुनाव आयोग व केंद्र सरकार को जवाब देना चाहिए.
भारद्वाज ने यह भी दावा किया कि कर्नाटक की एक सीट पर 6,000 वोट हटाने के आवेदन दिए गए थे. उन्होंने याद दिलाया कि जनवरी 2025 में ही अरविंद केजरीवाल ने भी यह मुद्दा उठाया था कि दिल्ली की नई दिल्ली विधानसभा सीट में 15 दिनों के भीतर 6,000 वोट हटाने और 10,500 नए वोट जोड़ने के आवेदन किए गए थे.
विपक्षी रणनीति और कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल
AAP नेता ने कांग्रेस पर भी सवाल उठाया कि जब विपक्ष यह मुद्दा उठा रहा था तब कांग्रेस चुप क्यों थी. उन्होंने कहा कि जब बीजेपी इस तरीके से जीत रही थी, तब कांग्रेस ने विरोध क्यों नहीं किया. भारद्वाज का तर्क है कि आज राहुल गांधी इस पर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस को यह लड़ाई लोकतंत्र और पूरे विपक्ष के लिए लड़नी चाहिए, न कि केवल अपनी पार्टी के हितों के लिए.