जुमे की तकरीर में मीरवाइज उमर फारूक ईरान-इजरायल पर बोले, ‘ये कहने में कोई दोराय नहीं कि…’

by Carbonmedia
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श्रीनगर की जामिया मस्जिद में मीरवाइज उमर फारूक ने जुमे की तकरीर में अहमदाबाद में हुए प्लेन हादसे पर दुख जताया और जान गंवाने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. इसके साथ ही ईरान पर इजरायल के हवाई हमले की भी निंदा की. उन्होंने इसे बेहद अस्वीकार्य बताया और इस तरह की कार्रवाइयों, खासकर महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाने के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत पर जोर दिया.
इजरायल को कोई रोकने वाला नहीं है- मीरवाइज
अपने एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा, “ईरान में इजरायली बमबारी की कड़ी निंदा करते हैं. आज सुबह एक और तकलीफदेह खबर हमने मीडिया के जरिए सुनी वो ये कि इजरायल ने ईरान पर बमबारी कर दी. शहरी, महिलाएं और बच्चे मारे गए हैं. ईरान की मिलिट्री लीडरशिप को भी मारा गया है. वैज्ञानिक भी मारे गए हैं. फिलिस्ती पर अत्याचार के बीच इजयराल को आज कोई रोकने वाला नहीं है. उसने पूरे मिडिल ईस्ट को खतरे में डाल दिया है.”
इजरायल अमन के लिए खतरा है- मीरवाइज
इसके आगे उन्होंने कहा, “हमें ये कहने में कोई दोराय नहीं है कि इजरायल एक दुष्ट देश बन गया है जो अमन के लिए बहुत बड़ा खतरा है. दुनिया के तमाम देशों की नैतिक जिम्मेदारी है कि वो इजरायल पर दबाव डालें ताकि गाजा में जारी नरसंहार और जंग को रोके. लोगों को निशाना बनाने से बाज आए. जम्मू कश्मीर की आवाम फिलिस्तीन और ईरानियों के साथ खड़ी है.”

Strongly Condemns Israeli Bombing in IranIsrael Perpetuating Genocide, Threatening Regional Stability and Global Peace — Urges UN and World Powers to Act; Kashmir’s stands in Solidarity with Iranians and Palestinians Another distressing news that came this morning is the… pic.twitter.com/NY8MAA5wyY
— Mirwaiz Umar Farooq (@MirwaizKashmir) June 13, 2025

एलजी प्रशासन की आलोचना की
बकरीद के बाद अपने पहले भाषण में मीरवाइज ने श्रीनगर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के उपदेश में ईद की नमाज की अनुमति न देने के लिए एलजी प्रशासन की आलोचना की और सरकार के एकता के संदेश पर सवाल उठाया. 
उमर अब्दुल्ला सरकार पर साधा निशाना
मीरवाइज उमर फारूक ने उमर अब्दुल्ला सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा सरकार राज्य का दर्जा न होने का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त नहीं हो सकती. उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने उन्हें वोट दिया है, वे इस बहाने को स्वीकार नहीं करेंगे कि जब तक राज्य का दर्जा बहाल नहीं हो जाता, तब तक कुछ नहीं किया जा सकता.” उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को अपने कर्तव्यों का दायित्व लेना चाहिए और लोगों से किए गए अपने वादों को पूरा करने की दिशा में काम करना चाहिए. मौजूदा सरकार पर निराशा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि भारी बहुमत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों के भरोसे के बावजूद प्रशासन अपने वादे पूरे करने में विफल हो रहा है.

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