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9 अप्रैल को असम में मतदान होगा। इस चुनावी मौसम में बाल विवाह सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। POCSO के तहत पुलिस कार्रवाई से लेकर लड़कियों को स्कूल में बनाए रखने वाली बदलावकारी “मुख्यमंत्री निजुत मोइना” योजना तक, मामलों में काफी गिरावट आई है। लेकिन क्या हम इसे पूरी तरह खत्म कर सकते हैं? हमारे साथ जुड़िए, जहां असम की प्रमुख पार्टियों के प्रतिनिधि अपने 5 साल के रोडमैप पेश करेंगे और बताएंगे कि क्या असम मॉडल #बालविवाहमुक्तभारत का खाका बन सकता है।