शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे और जेपी नड्डा के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के "अचानक बाहर निकलने" के खड़गे के संदर्भ की नड्डा ने तीखी आलोचना की, जिन्होंने उन्हें राजनीतिक निराशाओं के लिए चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी।