सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद धार में भोजशाला-कमल मौला परिसर में बसंत पंचमी की प्रार्थना और उत्सव शुरू हुआ, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों को इस स्थल पर अपने-अपने धार्मिक अनुष्ठान करने की अनुमति दी गई थी।