सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को टिप्पणी की कि दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में प्रदूषण की समस्या को हल करने के लिए उसके पास कोई जादू की छड़ी नहीं है। पीठ ने कहा कि वायु गुणवत्ता खराब होने के सभी कारणों की पहचान की जानी चाहिए.