भारतीय एजेंसियां ​​ब्रिटेन की अदालत को आश्वस्त करेंगी कि अगर भगोड़े नीरव मोदी को प्रत्यर्पित किया जाता है तो उसके खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा और उसे मौजूदा आरोपों से परे नई गिरफ्तारी या पूछताछ का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस प्रस्तुतिकरण का उद्देश्य मोदी के प्रत्यर्पण मुकदमे को फिर से खोलने की अपील का मुकाबला करना है, जिसे यूके उच्च न्यायालय ने पहले मंजूरी दे दी थी। सुनवाई 23 नवंबर को तय की गई है।